नयी दिल्ली, 20 सितंबर लोकसभा में भाजपा के एक सांसद ने देश में कोरोना वायरस महामारी के बीच तमाम निर्णय समय पर लिये जाने का श्रेय केंद्र सरकार को देते हुए रविवार को कहा कि हमारे देश की बड़ी बड़ी आबादी के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया और जनता उनके साथ खड़ी रही।
सदन में नियम 193 के तहत कोविड-19 वैश्विक महामारी पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के किरीट सोलंकी ने कहा कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय पर लॉकडाउन जैसे निर्णय लिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि किसी को नहीं पता कि यह महामारी कब समाप्त होगी। इसकी कोई दवा नहीं है, इसका कोई तय प्रोटोकॉल नहीं है और अनुभव के आधार पर उपचार प्रोटोकॉल विकसित किये जा रहे हैं।
खुद भी कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके सोलंकी ने कहा कि वह घर में पृथक-वास में रहे और डॉक्टर के साथ फोन पर संपर्क में रहते हुए स्वस्थ हो गए।
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उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री को ईमेल किया कि बिना लक्षण वाले लोगों को भर्ती नहीं किया जाना चाहिए। उस पर प्रधानमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया।’’
सोलंकी ने कहा कि इसे प्रोटोकॉल में शामिल किया गया।
उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में अनावश्यक बैड नहीं घिरते और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण की आशंका कम हो जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी परेशानी की वजह ज्यादा आबादी की है। विश्व में जनसंख्या के आधार पर हम इस मामले में दूसरे स्थान पर हैं। जहां तक चिकित्सा ढांचे की बात है तो ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा ढांचे की सीमाओं को देखते हुए भी महामारी में आगे बढ़कर काम करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिचायक है।’’
उन्होंने कहा कि महामारी के बीच प्रधानमंत्री और सरकार ने जो भी निर्णय लिए जनता ने इतनी असुविधा के बावजूद उन्हें माना और अनुशासन के साथ लॉकडाउन का पालन किया।
सोलंकी ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, नर्सों, सफाई कर्मियों, आशा कर्मचारियों आदि कोरोना योद्धाओं की प्रशंसा की।
भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘यह एक युद्ध की तरह था और इसमें डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और नर्स सैनिकों की तरह लड़े हैं। इस युद्ध में जिस तरह से कोरोना योद्धाओं ने काम किया, वे धन्यवाद के पात्र हैं।’’
सोलंकी ने कहा, ‘‘इस महामारी के मद्देनजर चीन की भूमिका भी शंका के दायरे से बाहर नहीं है क्योंकि यह प्रकोप चीन के वुहान से शुरू हुआ था।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य कहते हैं कि सरकार ने कुछ नहीं किया, लेकिन दुनिया में सबसे पहले निर्णय लेने वालों में भारत रहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वायरस को लेकर आगे बढ़कर योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया।
वैभव दीपक
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