देश की खबरें | जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर करने का फैसला किया: हरीश रावत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी की रैली में यहां आई भीड़ ने साफ कर दिया है कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने का निर्णय कर लिया है।
देहरादून, 17 दिसंबर कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी की रैली में यहां आई भीड़ ने साफ कर दिया है कि लोगों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने का निर्णय कर लिया है।
प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष रावत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जहां लोग बोरियत से खर्राटे और उबासी लेते दिखाई दिए, वहीं राहुल गांधी की रैली के प्रति लोगों में बहुत उत्साह था जिसे लोगों ने अंत तक सुना और उनके जाने के बाद ही लोग मैदान से गए।
उन्होंने कहा, ‘‘यह साफ संकेत है कि लोगों ने इस बार भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है।’’
भाजपा के नारे 'अबकी बार साठ के पार' पर व्यंग्य करते हुए रावत ने कहा कि इस बार लोग भाजपा को 'साठ पार नहीं, बल्कि तड़ीपार' करेंगे।
वर्ष 2017 में पिछले विधानसभा चुनाव में 70 में से 57 सीट जीतकर ऐतिहासिक जनादेश के साथ सत्ता में आई भाजपा ने इस बार 60 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
रावत ने कहा, ‘‘भाजपा चाहे जो कहे लेकिन लोग कांग्रेस के साथ हैं।’’
कांग्रेस के सैन्य बलों के प्रति ‘‘नए प्रेम’’ को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कोई सीधा उत्तर नहीं दिया, लेकिन कहा कि क्या उन्होंने कभी उन लोगों के गांधी को ‘‘सल्यूट’’ करने के अधिकार पर सवाल उठाया है जिन्होंने उन्हें गाली दीं।
रावत ने यह भी कहा कि इस बार चुनाव में कांग्रेस पूर्व सैनिकों, महिलाओं और युवाओं को जितना ज्यादा संभव होगा, टिकट देगी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि टिकट देने के लिए जीत की संभावना को देखा जाएगा क्योंकि लोकतंत्र में संख्या का महत्व होता है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों की ‘‘सुधरी स्थिति’’ देखने का निमंत्रण दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि इसके लिए दिल्ली सरकार को कोई श्रेय नहीं मिल सकता क्योंकि उसका बजट उत्तराखंड के बजट से पांच गुना ज्यादा है और उसने एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों की भी स्थिति नहीं सुधारी है।
रावत ने कहा, ‘‘दिल्ली के आधे से ज्यादा स्कूल अभी भी बुरी स्थिति में हैं। वे आज मॉडल स्कूलों के बारे में बात कर रहे हैं। हमने नवोदय और अभिनव विद्यालय जैसे 600 मॉडल स्कूल 2014-15 में ही खोल दिए थे।’’
उन्होंने सिसोदिया को मोहल्ला क्लिनिक की विफलता भी याद दिलाई और कहा कि उनमें से ज्यादातर अब बंद हो चुके हैं।
दीप्ति
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2021 05:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

