देश की खबरें | दूसरे पेशों में कार्यरत लोगों को अस्थायी तौर पर बार काउंसिल में पंजीकृत किया जा सकता है: न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अन्य पेशों में काम कर रहे किसी शख्स को किसी बार काउंसिल में अस्थायी रूप से पंजीकृत किया जा सकता है।
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अन्य पेशों में काम कर रहे किसी शख्स को किसी बार काउंसिल में अस्थायी रूप से पंजीकृत किया जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि लेकिन उस व्यक्ति को अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) को उत्तीर्ण करना होगा और परीक्षा पास करने के बाद यह तय करने के लिए छह महीने का समय मिलेगा कि क्या वे वकील बनना चाहते हैं या दूसरे व्यवसाय में ही रहना चाहते हैं।
न्यायालय ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को तय करना होगा कि अन्य नौकरियां करने के लिए अपने लाइसेंस निलंबित कराने के बाद फिर से वकालत के पेशे में लौटना चाह रहे लोगों के लिए नये सिरे से एआईबीई परीक्षा कराने की जरूरत है या नहीं, क्योंकि उनका विधिक व्यवसाय से संपर्क छूट गया है।
न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली बीसीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
गुजरात उच्च न्यायालय ने अन्य रोजगार के लोगों को दूसरे व्यवसाय से इस्तीफा दिये बिना वकीलों के रूप में पंजीकरण कराने की अनुमति दी थी।
शीर्ष अदालत ने कहा कि बीसीआई दूसरे पेशों में कार्यरत लोगों को एआईबीई की परीक्षा उत्तीर्ण करके यह फैसला करने के लिए छह महीने का समय देकर अस्थायी पंजीकरण की अनुमति दे सकता है कि वे वकालत करना चाहते हैं या दूसरी नौकरी करते रहना चाहते हैं।
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