देश की खबरें | दिल्ली में लू के थपेड़ों से लोग बेहाल, इस साल का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे दिल्लीवासियों को मंगलवार को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा और कुछ हिस्सों में लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान है।

नयी दिल्ली, 29 जून मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे दिल्लीवासियों को मंगलवार को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा और कुछ हिस्सों में लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया जो इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस गर्मी के मौसम में दिल्ली में यह पहली लू है। लोधी रोड, रिज और पूसा क्षेत्रों में भीषण लू चली, जहां पारा औसत तापमान से सात डिग्री अधिक क्रमश: 42.6 डिग्री सेल्सियस, 43.4 डिग्री सेल्सियस और 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नजफगढ़ (44.4 डिग्री सेल्सियस), पीतमपुरा (44.3 डिग्री सेल्सियस) और मुंगेशपुर (44.3 डिग्री सेल्सियस) भी भीषण लू की चपेट में हैं।

मैदानी इलाकों के लिए, ‘‘लू’’ की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक हो।

आईएमडी के अनुसार यदि सामान्य तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, तो ‘‘गंभीर’’ लू की स्थिति घोषित की जाती है। आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘आमतौर पर, राजधानी में 20 जून तक लू चलती रहती है। इस बार अधिकतम तापमान में वृद्धि के लिए मानसून के आगमन में देरी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में कोई बारिश नहीं हुई है और उत्तर पश्चिम भारत के एक बड़े हिस्से में गर्म पछुआ हवाएं चल रही हैं। राजधानी में बुधवार को भी लू चलने का अनुमान है।

आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने सामान्य समय से दो सप्ताह पहले पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में पहुंच गया है, लेकिन दिल्ली सहित उत्तर भारतीय मैदानी इलाकों में इसका पहुंचना अभी बाकी है। इसके अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (एनएलएम) की उत्तरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से होकर गुजर रही है।

केरल में दो दिन की देरी से पहुंचने के बाद, मानसून सामान्य से सात से 10 दिन पहले पूर्वी, मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिम भारत को कवर करते हुए पूरे देश में आ गया था।

मौसम विभाग ने पहले अनुमान जताया था कि मानसून 12 दिन पहले यानी 15 जून तक दिल्ली पहुंच सकता है। हालांकि, पछुआ हवाएं दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में इसको आगे बढ़ने को रोक रही हैं।

आमतौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में आ जाता है। पिछले साल मानसून 25 जून को दिल्ली पहुंच गया था और 29 जून तक पूरे देश में आ गया था।

आईएमडी ने कहा कि हालांकि, इस साल दिल्ली, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में इंतजार लंबा हो गया है। तापमान और उमस लगातार बढ़ रही है और इससे अभी तत्काल राहत की संभावना नहीं है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यू-टर्न, भारी बारिश और धूल भरी आंधी को लेकर 'ऑरेंज अलर्ट' जारी; जानें अगले 24 घंटों का हाल

RR vs CSK, IPL 2026 3rd Match Live Score Update: गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जा रहा है तीसरा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

PBKS vs GT, IPL 2026 4th Match Mullanpur Weather Update: पंजाब किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस के बीच खेले जाने वाले चौथे मुकाबले में बारिश डालेगी खलल या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मुल्लांपुर के मौसम का हाल

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सुरक्षित: नागरिक उड्डयन मंत्री बोले—देश के पास 60 दिनों का हवाई ईंधन रिजर्व, आपूर्ति में बाधा की आशंका नहीं