विदेश की खबरें | पेलोसी ने अपनी एशिया यात्रा की पुष्टि की, ताइवन यात्रा का जिक्र नहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसने (चीन ने) पेलोसी की संभावित यात्रा को लेकर चेतावनी दी है।
चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसने (चीन ने) पेलोसी की संभावित यात्रा को लेकर चेतावनी दी है।
पेलोसी ने एक बयान में कहा कि वह व्यापार, कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और लोकतांत्रिक शासन के मुद्दे पर चर्चा के लिए सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
पेलोसी ने अब तक मीडिया में आए उन दावों की पुष्टि नहीं की है, जिसमें उनकी संभावित ताइवान यात्रा का जिक्र किया गया है।
पेलोसी अगर ताइवान की यात्रा करती हैं तो यह 1997 के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी निर्वाचित प्रतिनिधि की इस द्वीपीय देश की पहली यात्रा होगी। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को अपने अमेरिकी समकक्ष जो बाइडन से फोन पर हुई बातचीत में चीन के ताइवान से निपटने के मामले में किसी ‘विदेशी हस्तक्षेप’ को लेकर आगाह किया था।
चीन ने कहा कि ताइवान को विदेश संबंध स्थापित करने का कोई अधिकार नहीं है। उसने कहा कि वह अमेरिकी नेता की यात्रा को दशकों से ताइवान की लगभग स्वतंत्र रही स्थिति को आधिकारिक बनाने के लिए प्रोत्साहन देने के कदम के तौर पर देखता है।
बाइडन प्रशासन ने पेलोसी से ताइवान यात्रा से बचने का आग्रह नहीं किया है, हालांकि इसने बीजिंग को आश्वस्त करने की कोशिश की है कि यह विवाद का कोई कारण नहीं है और अगर ऐसी यात्रा हुई, तो यह अमेरिकी नीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं होगा।
पेलोसी ने बयान में कहा, ‘‘यह समझते हुए कि एक स्वतंत्र और समृद्ध हिंद-प्रशांत हमारे देश और दुनिया भर में समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है, राष्ट्रपति बाइडन के सशक्त नेतृत्व में अमेरिका इस क्षेत्र में रणनीतिक जुड़ाव के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।’’
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