जरुरी जानकारी | आवक बढ़ने से मूंगफली के भाव टूटे, अधिकांश तेल-तिलहन कीमतें स्थिर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बुधवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में मूंगफली की आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव में बड़ी गिरावट आई जबकि सरसों तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला जैसे अधिकांश तेल एवं तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं। मांग निकलने से जहां सरसों तेल कीमतों में तेजी आई, वहीं पिछले साल के मुकाबले दाम कमजोर लगाये जाने के बीच किसानों द्वारा नीचे भाव पर बिकवाली कम करने से सोयाबीन तिलहन के भाव मजबूत बंद हुए।

नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच बुधवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में मूंगफली की आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव में बड़ी गिरावट आई जबकि सरसों तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला जैसे अधिकांश तेल एवं तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं। मांग निकलने से जहां सरसों तेल कीमतों में तेजी आई, वहीं पिछले साल के मुकाबले दाम कमजोर लगाये जाने के बीच किसानों द्वारा नीचे भाव पर बिकवाली कम करने से सोयाबीन तिलहन के भाव मजबूत बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज मजबूत चल रहा है। शिकॉगो एक्सचेंज कल रात मजबूत बंद हुआ और फिलहाल यहां तेजी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मूंगफली फसल की आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में पर्याप्त गिरावट आई। इसके अलावा आयातित तेल काफी सस्ता होने से भी मूंगफली की मांग प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन किसानों को हालांकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास दाम मिल रहे हैं पर पिछले कुछ साल में किसानों को और अच्छे दाम मिल चुके हैं जिसकी वजह से जरूरतमंद किसानों के अलावा सक्षम किसान अपनी उपज मंडियों में कम ला रहे हैं। इस वजह से सोयाबीन तिलहन में सुधार है। लेकिन दूसरी ओर मांग कमजोर रहने की वजह से सोयाबीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। आगे त्योहारी मांग बढ़ने से स्थिति में सुधार संभव है।

सूत्रों ने कहा कि मांग बढ़ने से सरसों तेल कीमतों में सुधार आया क्योंकि अच्छे माल की कमी है। वहीं पेराई में 5-6 रुपये किलो का नुकसान होने की वजह से सरसों तिलहन की कीमत पूर्वस्तर पर बनी रही।

उन्होंने कहा कि जाड़े की कमजोर मांग की वजह से सीपीओ और पामोलीन के भाव भी पूर्वस्तर पर बने रहे। मूंगफली में आई गिरावट उत्तर भारत में कीट हमलों की वजह से हुए नुकसान और इन सबके कारण बाजार में आवक प्रभावित होने के बीच बिनौला तेल के भाव भी पूर्वस्तर पर बने रहे।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,775-5,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,850-6,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,305-2,590 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,825 -1,920 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,825 -1,935 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,825 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,975-5,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,775-4,875 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

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