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जरुरी जानकारी | खराब कारोबारी धारणा के बीच मूंगफली तिलहन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के बिनौला सीड का दाम घटाने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबारी धारणा प्रभावित हई और मूंगफली तिलहन की कीमत में गिरावट रही।

जरुरी जानकारी | खराब कारोबारी धारणा के बीच मूंगफली तिलहन में गिरावट

नयी दिल्ली, छह फरवरी भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के बिनौला सीड का दाम घटाने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबारी धारणा प्रभावित हई और मूंगफली तिलहन की कीमत में गिरावट रही।

डॉलर के मुकाबले रुपये में एक बार फिर गिरावट होने से सोयाबीन तेल दाम ऊंचा बोले जाने और लिवाल नदारद रहने के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा तेल मिलों के नहीं चलने की स्थिति के बीच बिनौला तेल के दाम में सुधार आया। वहीं सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली तेल और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर यथावत बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी चल रही है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सीसीआई ने बृहस्पतिवार को बिनौला सीड के दाम अलग-अलग राज्यों में 50-100 रुपये क्विंटल घटाये हैं। मूंगफली किसान जो पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिकवाली को मजबूर हो रहे थे, वे बिनौला सीड का दाम टूटने और इससे कारोबारी धारणा और बिगड़ने से बहुत बुरी हालत में हो गये हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जो सट्टेबाज पिछले तीन दिनों से वायदा कारोबार में बिनौला खल का दाम तोड़ रहे थे, सीसीआई द्वारा बिनौला सीड का दाम घटाने से उन्हें ईनाम मिल गया है। एमएसपी की खरीद लागत से नीचे दाम पर बिनौला सीड बेचने का कोई औचित्य नहीं है।

सूत्रों ने कहा कि डॉलर के मुकाबले आज रुपये में 16 पैसे की गिरावट आई है और इस वजह से सोयाबीन तेल कीमत में सुधार आया। इसी तरह, सट्टेबाजी के कारण सीपीओ और पामोलीन के केवल भाव ऊंचे बोले जा रहे हैं लेकिन लिवाल नदारद हैं और इसी कारण सीपीओ और पामोलीन के दाम में सुधार है। मिलों के नहीं चलने से बिनौला तेल में भी सुधार है। वैसे बाजार में कपास की आवक भी निरंतर घट रही है जिससे इस सुधार को मदद मिली।

उन्होंने कहा कि अगले सत्र के सरसों फसल का एमएसपी बढ़ने के इंतजार में जहां किसान अपना माल रोक रहे हैं, वहीं लिवाल सरसों के भाव कम होने का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति में सरसों तेल तिलहन में स्थिरता रही। निर्यात की कमजोर मांग से मूंगफली तेल के दाम पूर्ववत रहे। बाजार की कारोबारी धारणा खराब रहने के बीच सोयाबीन तिलहन भी अपरिवर्तित रहा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,025-6,125 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,150-5,475 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,115-2,415 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,240-2,340 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,240-2,365 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,550 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,150 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,225-4,275 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,925-4,025 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2025 09:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).