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Ganesh Chaturthi 2026: देश में आज से गणेश चतुर्थी की धूम, PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणेश चतुर्थी 2026 के पावन पर्व पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह के संचार की प्रार्थना की.

Ganesh Chaturthi 2026: देश में आज से गणेश चतुर्थी की धूम, PM मोदी ने देशवासियों को दी बधाई

 Ganesh Chaturthi 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणेश चतुर्थी 2026 के पावन पर्व पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह के संचार की प्रार्थना की है. हालांकि यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र और विशेषकर मुंबई में इस उत्सव का उत्साह और पैमाना पूरी तरह अलग और भव्य होता है.

'एक्स' पर प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर लिखा:

"देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनंत शुभकामनाएं. विघ्नहर्ता के दर्शन और पूजन का यह पावन पर्व सबके जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे. उनके दिव्य आशीर्वाद से सभी के प्रयास सफल हों और राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे, यही कामना है. गणपति बाप्पा मोरया!"

प्रधानमंत्री के इस संदेश में देश की समृद्धि और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की सफलता की भावना को रेखांकित किया गया है.

पीएम मोदी का पोस्ट

महाराष्ट्र और मुंबई में गणेशोत्सव का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्रेज

देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र और मुंबई में इस त्योहार की रौनक देखते ही बनती है. यहां गली-मोहल्लों से लेकर बड़े सार्वजनिक पंडालों तक, हर तरफ 'गणपति बाप्पा मोरया' के जयकारे गूंजते हैं. मुंबई का लालबागचा राजा, सिद्धिविनायक मंदिर और अन्य प्रसिद्ध पंडालों में दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस दौरान पूरा मुंबई महानगर उत्सव के रंग में रंग जाता है.

लोकमान्य तिलक का योगदान और सार्वजनिक गणेशोत्सव

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव को जन आंदोलन का रूप देने का श्रेय स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बालगंगाधर तिलक को जाता है. वर्ष 1893 में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान समाज को एकजुट करने के लिए सार्वजनिक गणेशोत्सव की शुरुआत की थी. तब से लेकर आज तक महाराष्ट्र की संस्कृति में गणेशोत्सव का स्थान सबसे ऊंचा रहा है, जो सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुका है.

देशभर में उल्लास का माहौल

महाराष्ट्र के अलावा गोवा, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित देश के अन्य हिस्सों में भी गणेश चतुर्थी का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. देश के शीर्ष नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने भी इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2026 08:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).