गुवाहाटी/आइजोल/दीमापुर, 31 जुलाई असम-मिजोरम की सीमा पर शनिवार को शांति बनी रही और गुवाहाटी ने तनाव को कम करने के लिए पूर्वोत्तर के अपने कुछ पड़ोसियों के साथ वार्ता की पहल की। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
असम और मिजोरम की पुलिस के बीच पांच दिन पहले हुई हिंसक झड़प के बाद असम से एक भी ट्रक पड़ोसी राज्य की सीमा में दाखिल नहीं हुआ। झड़प में छह पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस बीच हाल में सीमा पर हुई हिंसा को लेकर मिजोरम सरकार द्वारा उनके और राज्य के छह अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का कारण पूछा, जबकि घटनास्थल उनके राज्य की ‘‘संवैधानिक सीमा’’ के अंदर है।
असम से आवश्यक सामान या यात्रियों को लेकर एक भी वाहन ने सोमवार के बाद मिजोरम की सीमा के अंदर प्रवेश नहीं किया है। यह जानकारी शनिवार को वायरेंगटे थाने के प्रभारी लालचाविमावा ने दी।
असम ने परामर्श जारी कर अपने नागरिकों से कहा है कि मिजोरम की यात्रा करने से बचें और उसका कहना है कि आर्थिक नाकाबंदी नहीं लगाई गई है।
लालचाविमावा ने कहा कि शनिवार को भी असम से एक भी वाहन मिजोरम में नहीं गया लेकिन वहां से कुछ ट्रक असम की बराक घाटी की तरफ आ रहे हैं।
वायरेंगटे सबसे नजदीकी सीमावर्ती शहर है और मिजोरम के लिए यहां से रास्ता जाता है, जहां हिंसक झड़प हुई।
मिजोरम के मुख्य सचिव लालबियाकसांगी ने पूर्वोत्तर के प्रभारी केंद्र के अतिरिक्त गृह सचिव को लिखे पत्र में कहा था कि आवश्यक सामान एवं कोविड-19 जांच किट लेकर आ रहे वाहन असम के कछार जिले में ललितपुर-धोलाई इलाके में एनएच-306 पर फंसे हुए हैं।
मामित जिले के उपायुक्त लालरोजामा ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि ईंधन एवं एलपीजी सहित कुछ आवश्यक आपूर्ति त्रिपुरा से राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। मामित जिले की सीमा त्रिपुरा से लगती है।
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