देश की खबरें | पीसीआई ने पत्रकारों को कथित तौर पर निशाना बनाने पर उप्र, हिमाचल और छत्तीसगढ़ सरकारों से जवाब मांगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान लोगों को होने वाली समस्याओं के बारे में रिपोर्टिंग करने को लेकर पत्रकारों को कथित तौर पर निशाना बनाने की अलग-अलग घटनाओं के संबंध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सरकारों से जवाब मांगे।
नयी दिल्ली, 10 जुलाई भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान लोगों को होने वाली समस्याओं के बारे में रिपोर्टिंग करने को लेकर पत्रकारों को कथित तौर पर निशाना बनाने की अलग-अलग घटनाओं के संबंध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सरकारों से जवाब मांगे।
पीसीआई ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में कोविड-19 लॉकडाउन अवधि के दौरान पत्रकारों को कथित रूप से निशाना बनाये जाने के संबंध में उसने स्वतः संज्ञान लिया है।
पीसीआई ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान लोगों की समस्याओं से संबंधित मुद्दों की कथित तौर पर रिपोर्टिंग करने को लेकर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के गोपीगंज थाने में चार पत्रकारों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक अन्य घटना में रिपोर्टर विजय विनीत और जनसंदेश टाइम्स के प्रधान संपादक सुभाष राय को नोटिस जारी किया गया है।
चूंकि मामलों ने प्रेस के स्वतंत्र कामकाज के बारे में चिंता उत्पन्न की है, पीसीआई अध्यक्ष ने इस पर चिंता जतायी है और उत्तर प्रदेश सरकार से टिप्पणी के लिए कहा है।
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पीसीआई ने एक अलग बयान में कहा कि उसने छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन की अवधि के दौरान पत्रकारों को कथित रूप से निशाना बनाने के संबंध में स्वत: संज्ञान लिया है।
पीसीआई ने कहा कि 'बस्तर की आवाज़' के रिपोर्टर नीरज शिवहरे को उस महिला की समस्या के संबंध में कथित तौर पर रिपोर्टिंग करने के लिए नोटिस दिया गया है, जिसे कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान भोजन का इंतजाम करने के लिए अपने घर का सामान बेचना पड़ा था। अधिकारियों ने कहा था कि इससे ‘‘प्रशासन की छवि को नुकसान पहुँची।’’
चूंकि ये मामले प्रेस के स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार से मामले के तथ्यों पर टिप्पणी की मांगी गई है।
पीसीआई ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 लॉकडाउन अवधि के दौरान राज्य पुलिस द्वारा पत्रकारों को कथित रूप से निशाना बनाने के संबंध में स्वत:संज्ञान लिया है, जिसमें पंजाब केसरी के एक पत्रकार सोमदेव शर्मा के खिलाफ राज्य में अंतरराज्यीय यात्रियों को पृथक करने में प्रशासन की ढिलाई को लेकर कथित तौर पर रिपोर्टिंग के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बयान में कहा गया है कि उपरोक्त मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पीसीआई ने हिमाचल प्रदेश सरकार से टिप्पणी मांगी है।
उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में क्रमशः योगी आदित्यनाथ और जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकारें हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार है।
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