जरुरी जानकारी | संसदीय पैनल ने एफसीआई के पुनर्गठन पर शांता कमेटी की रिपोर्ट का समर्थन किया
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नयी दिल्ली, 29 जनवरी संसद की एक समिति ने शुक्रवार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पुनर्गठन पर शांता कुमार समिति की रिपोर्ट का समर्थन किया और सरकार से आम जनता के लाभ के लिए ‘निर्णायक कार्रवाई’ की उम्मीद जताई।
वर्ष 2015 में, वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने एफसीआई के पुनर्गठन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
पैनल ने खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, स्टॉकिंग और आवाजाही, बफर स्टॉकिंग कामकाज और परिसमापन नीति, श्रम, किसानों को सीधे सब्सिडी, और पूर्ण कम्प्यूटरीकरण करने से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर प्रमुख सिफारिशें दी थीं।
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता वाली सार्वजनिक उपक्रमों की संसदीय समिति ने लोकसभा में दी गई एक रिपोर्ट में कहा,‘‘समिति, उच्च स्तरीय समिति के सुझावों का समर्थन करती है और सरकार से आम जनता के हित के लिए निर्णायक कार्रवाई करने की उम्मीद करती है।’’
उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों का गहराई से विश्लेषण करते हुए, समिति ने यह भी पाया कि इसमें एफसीआई के कामकाज में सुधार के लिए ‘बहुत ही उपयोगी’ और ठोस सुझाव दिए गए थे।
एफसीआई के निदेशक मंडल में रिक्त पदों पर, समिति ने कहा कि 12 सदस्यों की अनिवार्य ताकत के मुकाबले, केवल नौ सदस्य वास्तव में दिसंबर 2019 तक बोर्ड में थे।
समिति ने सिफारिश की है कि एफसीआई को बिना किसी देरी के रिक्त पदों को भरना चाहिए।
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