ताजा खबरें | संसद ने डाकघर विधेयक को मंजूरी दी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद ने सोमवार को डाकघरों से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने के उद्देश्य से लाए गए एक अहम विधेयक को सोमवार को मंजूरी दे दी।
नयी दिल्ली, 18 दिसंबर संसद ने सोमवार को डाकघरों से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने के उद्देश्य से लाए गए एक अहम विधेयक को सोमवार को मंजूरी दे दी।
लोकसभा ने डाकघर विधेयक, 2023 को चर्चा और संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान के जवाब के बाद विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ध्वनिमत से मंजूरी दी। राज्यसभा में यह विधेयक गत चार दिसंबर को पारित हुआ था।
चर्चा का जवाब देते हुए संचार राज्य मंत्री चौहान ने कहा कि डाक विभाग हमारे गौरवशाली इतिहास की कड़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार डाक विभाग के माध्यम से नागरिक केंद्रित सेवाएं दे रही है।’’
चौहान ने कहा, ‘‘युवा पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने नवाचार के कई कदम उठाए हैं। महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों के कल्याण के लिए इस विभाग ने कई पहल की हैं।’’
उन्होंने कहा कि विधेयक देशहित और समाजहित में बहुत परिवर्तनकारी साबित होगा।
इसके बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दी। इस दौरान विपक्षी सदस्य संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की बी वी सत्यवती ने कहा कि यह विधेयक डाक विभाग की सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में परिवर्तनकारी साबित होगा।
भाजपा के भोला सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से डाक सेवा की सूरत बदल गई और इसमें निरंतर प्रगति हो रही है।
शिवसेना के प्रतापराव जाधव ने कहा कि पहले डाक विभाग उपेक्षा का शिकार था, लेकिन अब इसका चौतरफा विकास हो रहा है।
विधेयक के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में, डाकघर के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं में काफी विविधता आई है और डाकघर नेटवर्क विभिन्न प्रकार की नागरिक केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक प्रमुख माध्यम बन गया है, जिसके कारण मूल अधिनियम को निरस्त करना और उसके स्थान पर नया कानून लागू करना आवश्यक हो गया है।
इसमें जिक्र किया गया है कि डाकघर ऐसी सेवाएं प्रदान करेगा जो केंद्र सरकार नियमों द्वारा निर्धारित करती है। इसके साथ ही डाक सेवा महानिदेशक उन सेवाओं को प्रदान करने के लिए आवश्यक गतिविधियों को लेकर नियम बनाएंगे और ऐसी सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित करेंगे। डाकघर को डाक टिकट जारी करने का विशेषाधिकार होगा।
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