पारेख ने रियल्टी खातों के एकमुश्त पुनर्गठन पर जोर दिया
गौरतलब है कि रियल एस्टेट क्षेत्र कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए प्रतिबंधों से काफी हद तक प्रभावित हुआ है।
मुंबई, 14 अप्रैल एचडीएफसी के अध्यक्ष दीपक पारेख ने मंगलवार को दबाव झेल रहे रियल एस्टेट कंपनियों के खातों के एकबारगी पुनर्गठन पर जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र की मदद करने के लिए एनपीए मानदंडों में राहत देते हुए उसे 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर देना चाहिए।
गौरतलब है कि रियल एस्टेट क्षेत्र कोरोना वायरस महामारी के चलते लगाए गए प्रतिबंधों से काफी हद तक प्रभावित हुआ है।
पारेख ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए रियल एस्टेट सेक्टर के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक दबाव वाले खातों का पुनर्गठन नहीं किया जाता है, वित्तीय संस्थानों के लिए इस क्षेत्र को अतिरिक्त नकदी मुहैया करना कठिन होगा।
इस वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन रियल एस्टेट डेवलपर्स संघों- नारेडको और क्रेडाई द्वारा किया गया था।
पारेख ने कहा कि इस बारे में आरबीआई से पहले ही सिफारिश की जा चुकी है। उन्होंने कहा ‘‘आज, ज्यादातर डेवलपर एक तनावपूर्ण स्थिति में हैं और उनमें से कई एनपीए हैं या एनपीए बन जाएंगे। इसलिए, सबसे पहले हमें आरबीआई को यह भरोसा दिलाना होगा कि उद्योग के भविष्य के हित में हमें पुनर्गठन की अनुमति देनी होगी। एक बार जब आप पुनर्गठन कर लेंगे तो हम आपको (रियल एस्टेट डेवलपर) अतिरिक्त धन दे सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि कानूनी शिकंजे में फंसने से बेहतर है कि पुनर्भुगतान की समयसीमा पर फिर बातचीत हो।
पारेख ने कहा कि आरबीआई को कुछ समय के लिए एनपीए मानदंडों के तहत वर्गीकरण की अवधि को वर्तमान 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिनों तक कर देना चाहिए।
पारेख ने कहा, ‘‘यह बेहद जरूरी है, वर्ना सभी ऋण देने वाले संस्थानों में बड़े पैमाने पर गैर-निष्पादित ऋण होंगे और बड़े पैमाने पर प्रावधान किए जाएंगे। उन्हें नुकसान होने लगेगा और रेटिंग एजेंसियां सभी की रेटिंग घटा देंगी और यह एक वास्तविक आपदा होगी, व्यवसाय ढह जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि यदि एनपीए नियमों में एक बार के लिये पुनर्गठन और राहत देते हुये 180 दिन का समय दिया जाता है तो बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थान डेवलपर को लंबे समय के लिये कर्ज दे सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिवेश में माद्रिक नीति में उठाये गये कदमों का आगे उसी तरह से राहत पहुंचाना उतने प्रभावी ढंग हो पाना मुश्किल है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 06:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

