प्रवासियों के लौटने पर ओडिशा में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में होगी पंचायतों की अहम भूमिका
स्थानीय प्रशासन को इस लड़ाई के लिए तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को 6000 से अधिक ग्राम प्रधानों को यह सुनिश्चित करने के लिये शपथ दिलवायी कि कोरोना वायरस प्रभावित राज्यों से लौटने वाले लोगों के जरिए वे अपने गावों में कोरोना वायरस को घुसने नहीं देंगे।
भुवनेश्वर, 23अप्रैल बंद (लॉकडाउन) हटने पर एक अनुमान के मुताबिक लगभग पांच लाख प्रवासियों के घर लौटने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ओडिशा सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में ग्राम प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका तय की है।
स्थानीय प्रशासन को इस लड़ाई के लिए तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को 6000 से अधिक ग्राम प्रधानों को यह सुनिश्चित करने के लिये शपथ दिलवायी कि कोरोना वायरस प्रभावित राज्यों से लौटने वाले लोगों के जरिए वे अपने गावों में कोरोना वायरस को घुसने नहीं देंगे।
राज्य सरकार पहले ही सरपंच को जिला कलेक्टर के अधिकार दे दिए हैं, ताकि वे अपने क्षेत्र में कोविड-19 की स्थिति से बेहतर तरीके से निपटने के लिये कड़े फैसले कर सकें।
पंचायती राज विभाग के मंत्री प्रताप जेना ने बृहस्पतिवार को कोरोनो वायरस स्थिति के बारे में मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि वायरस का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में ना फैले , यह सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को अग्रिम मोर्चे पर लाने का फैसला किया गया है।
बुधवार को 6798 सरपंचों ने शपथ ली थी कि वे कोविड-19 को लेकर राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों को लागू करेंगे।
राज्य सरकार के कोविड-19 के प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कहा कि प्रदेश सरकार लॉकडाउन खत्म होते ही प्रवासी श्रमिकों की राज्य वापसी को लेकर चिंतित है।
बड़ी संख्या में प्रवासी अपने गांव वापस आएंगे तो उनकी जांच और उन्हें पृथक करने में ग्राम पंचायत और सरपंच की अहम भूमिका होगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 07:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

