जरुरी जानकारी | आयात शुल्क मूल्य घटने से पाम-पामोलीन तेल में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार के आयात शुल्क मूल्य घटाये जाने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को पाम-पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। पैसों की तंगी का सामना कर रहे आयातकों द्वारा लागत के दाम पर बिना मुनाफे के बिक्री करने के बीच सोयाबीन तेल कीमतों में भी गिरावट रही।
नयी दिल्ली, एक मई सरकार के आयात शुल्क मूल्य घटाये जाने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को पाम-पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। पैसों की तंगी का सामना कर रहे आयातकों द्वारा लागत के दाम पर बिना मुनाफे के बिक्री करने के बीच सोयाबीन तेल कीमतों में भी गिरावट रही।
दूसरी ओर, मंडियों में कम आवक के कारण सरसों तेल-तिलहन तथा मध्य प्रदेश में साल्वेंट मिल वालों द्वारा सोयाबीन की मांग में मामूली वृद्धि करने से सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार आया। जबकि सुस्त कारोबार और कमजोर दाम पर किसानों की कम बिकवाली के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।
विदेशों में दाम टूटने के बीच सरकार ने आज खाद्यतेलों के आयात शुल्क मूल्य में फेरबदल की है। इसमें सीपीओ का आयात शुल्क मूल्य 247 रुपये और पामोलीन के आयात शुल्क मूल्य को 198 रुपये क्विंटल घटाया गया है। दूसरी ओर, सोयाबीन का आयात शुल्क मूल्य 12 रुपये क्विंटल बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने आयात के लिए विनिमय दर में भी फेरबदल किया है। इसके तहत कच्चा पामतेल (सीपीओ) के लिए विनिमय दर में 25 रुपये क्विंटल की कमी की गई है। इसी तरह पामोलीन के लिए विनिमय दर में 34 रुपये प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन डीगम के लिए विनिमय दर में 26 रुपये क्विंटल की कमी की गई है।
आयात शुल्क मूल्य घटाये जाने के बाद पाम-पामोलीन के भाव टूट गये।
मलेशिया एक्सचेंज ‘मई दिवस’ के कारण बंद है जबकि शिकागो एक्सचेंज में मामूली सुधार है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सरसों की आवक घटकर लगभग 3.5 लख बोरी रह गई तथा कच्ची घानी तेल मिलों ने सरसों के दाम 50 रुपये क्विंटल तक बढ़ाये हैं। इससे सरसों तेल-तिलहन में सुधार है। मध्य प्रदेश में मिल वालों की मांग से सोयाबीन तिलहन के दाम में भी सुधार आया। जबकि पैसों की तंगी का सामना कर रहे आयातकों द्वारा बगैर मुनाफे के लागत दाम पर ही बिक्री करने से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
कमजोर कारोबार और कम दाम पर किसानों की कम बिक्री के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए। सुस्त कारोबार और नगण्य उपलब्धता की स्थिति के बीच बिनौला तेल के दाम भी पूर्वस्तर पर बंद हुए।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,300-6,400 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,625-6,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,220-2,520 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,365-2,465 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,365-2,490 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,075 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,750 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,150-4,200 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2025 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

