विदेश की खबरें | इजराइली बलों की गोलीबारी में फलस्तीनी चिकित्सकों की मौत ‘पेशेवर विफलता’: जांच रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइल ने पहले दावा किया कि सैनिकों की कार्रवाई के दौरान चिकित्सकों के वाहनों पर आपातकालीन सिग्नल नहीं थे, लेकिन बाद में उसने अपना बयान वापस ले लिया। एक चिकित्सक से बरामद मोबाइल फोन के वीडियो ने इजराइल के बयान को झूठा साबित कर दिया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इजराइल ने पहले दावा किया कि सैनिकों की कार्रवाई के दौरान चिकित्सकों के वाहनों पर आपातकालीन सिग्नल नहीं थे, लेकिन बाद में उसने अपना बयान वापस ले लिया। एक चिकित्सक से बरामद मोबाइल फोन के वीडियो ने इजराइल के बयान को झूठा साबित कर दिया।

सैन्य जांच में पाया गया कि ‘‘रात में दृश्यता कम होने के कारण’’ डिप्टी बटालियन कमांडर को लगा कि एंबुलेंस हमास के चरमपंथियों की थी। घटना के वीडियो में देखा गया कि एंबुलेंस पर आपातकालीन लाइट जल रही थी।

दक्षिणी गाजा शहर रफाह के एक जिले तेल अल-सुल्तान में 23 मार्च को अभियान के दौरान सैनिकों की गोलीबारी में ‘रेड क्रिसेंट’ के आठ कर्मचारी, छह नागरिक सुरक्षा कर्मचारी और एक संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी मारे गए थे।

इसके बाद सैनिकों ने शवों और उनके क्षतिग्रस्त वाहनों पर बुलडोजर से कुचल दिया और उन्हें सामूहिक कब्र में दफना दिया।

इजराइली सैन्य जांच में कहा गया कि इजराइली बलों की ‘‘गलतफहमी’’ के कारण फलस्तीनी मारे गए और 15 मिनट बाद इजराइली सैनिकों के फलस्तीनी संयुक्त राष्ट्र वाहन पर गोली चलाने की एक अलग घटना आदेशों का उल्लंघन थी।

जांच में पाया गया कि एंबुलेंस को कुचलने का निर्णय गलत था, लेकिन इस बात से इनकार किया कि घटना को छिपाने का प्रयास किया गया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\