चेन्नई, नौ फरवरी अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने ‘‘महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने में विफल’’ रहने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की निंदा की और मांग की कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार आपराधिक तत्वों पर सख्ती से लगाम लगाए।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की घटनाओं को सूचीबद्ध करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि चाहे वे बच्चे हों या वयस्क, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में सभी असुरक्षित हैं।
उन्होंने कृष्णागिरि में तीन सरकारी स्कूल शिक्षकों द्वारा 13 वर्षीय एक छात्रा का कथित रूप से यौन शोषण, कुड्डालोर में 9वीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध अवस्था में मौत, यौन हमले का विरोध करने पर वेल्लोर में एक गर्भवती महिला को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया जाना, अन्ना विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न का मामला और यहां ईस्ट कोस्ट रोड पर कार का पीछा करने की घटना समेत कई घटनाओं को गिनाया।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने में ‘असमर्थ’ रहने के लिए मुख्यमंत्री की निंदा करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि कम से कम अब से राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाये रखने के लिए आपराधिक तत्वों पर सख्ती से लगाम लगानी चाहिए।
स्टालिन द्वारा पुराने समय के ‘‘सम्राटों’’ की तरह पूरे राज्य में रोड शो आयोजित करने को लेकर कटाक्ष करते हुए विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि तिरुनेलवेली जिले के अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के पास मंजोली एस्टेट के श्रमिकों की शिकायतों को सुनने का साहस नहीं था।
उन्होंने दावा किया कि सभी वर्गों के लोगों ने 2026 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में द्रमुक शासन को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया है।
पलानीस्वामी 2017 से 2021 तक मुख्यमंत्री रहे थे।
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