विदेश की खबरें | पाक के प्रधान न्यायाधीश ने सरकारी पदों के साथ ‘साहब’ शब्द इस्तेमाल करने पर रोक लगाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश काजी फयाज़ ईसा ने लोक सेवकों के पदों के नाम के साथ "साहब" शब्द जोड़ने पर रोक लगाते हुए कहा है कि यह गैर ज़रूरी तौर से उनकी रुतबे को बढ़ाता है और उन्हें लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं होने का एहसास कराता है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लाबामाबाद, 21 नवंबर पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश काजी फयाज़ ईसा ने लोक सेवकों के पदों के नाम के साथ "साहब" शब्द जोड़ने पर रोक लगाते हुए कहा है कि यह गैर ज़रूरी तौर से उनकी रुतबे को बढ़ाता है और उन्हें लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं होने का एहसास कराता है।

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के मुताबिक, दो पन्नों के आदेश में, प्रधान न्यायाधीश ईसा ने कहा कि किसी के पद के नाम के साथ ‘साहब’ शब्द जोड़ना अनुकूल नहीं है क्योंकि इससे उनमें भव्यता का भ्रम और गैर-जिम्मेदारी की धारणा पैदा हो सकती है जो अस्वीकार्य है क्योंकि यह उस जनता के हितों के विरुद्ध है जिनकी उन्हें सेवा करनी है।

प्रधान न्यायाधीश ईसा का आदेश तब आया जब वह पिछले साल पेशावर में एक बच्चे की हत्या के मामले में ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

उन्होंने आदेश में कहा कि खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने एक स्थानीय पुलिस उपाधीक्षक को "डीएसपी साहब" कहा था।

पाकिस्तान टुडे की खबर के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश ईसा ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को फटकार लगाते हुए कहा, "आपने उन्हें साहब कहकर सभी कुछ खराब कर दिया है। वह एक डीएसपी हैं या एक अक्षम डीएसपी हैं,...और साहब नहीं है...।"

न्यायमूर्ति ईसा ने कहा कि मामले का चालान केवल दो बयानों पर आधारित है और इसमें उचित जांच का अभाव था।

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