इस्लमाबाद, 21 सितंबर पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति जरदारी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने का सैद्धांतिक तौर पर फैसला किया है।
भ्रष्टाचार रोधी कानून में हालिया संशोधन को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।
डॉन अखबार की रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को कहा गया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने भ्रष्टाचार मामलों का एक ब्योरा जवाबदेही अदालतों को सौंपा है और उनसे कहा है कि भ्रष्टाचार के उन मामलों को फिर से खोला जाए, जिनका संबंध 50 करोड़ रुपये से कम की राशि से है।
पिछले सप्ताह पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने देश के भ्रष्टाचार रोधी कानूनों में हालिया संशोधन को रद्द करते हुए सार्वजनिक पदों पर आसीन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को बहाल कर दिया, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ, यूसुफ रजा गिलानी, राजा परवेज अशरफ, शौकत अजीत, इमरान खान और शाहिद खाकान अब्बासी के नाम शामिल हैं।
शीर्ष अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से पिछले साल दायर याचिका पर यह फैसला सुनाया था। याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तत्कालीन सरकार द्वारा जवाबदेही कानूनों में किये गये संशोधन को चुनौती दी गई थी।
अन्य चीजों के अलावा संशोधन में एनएबी के न्यायिक अधिकार क्षेत्र को उन मामलों तक सीमित कर दिया गया था जिनका संबंध 50 करोड़ रुपये से अधिक राशि से है।
रिपोर्ट के अनुसार, जवाबदेही पर नजर रखने वाली संस्था ने संघीय जांच एजेंसी, सभी प्रांतों के भ्रष्टाचार रोधी विभागों, बैंकिंग अदालतों और पुलिस को पत्र लिखकर नए संशोधनों के बाद इन विभागों को संदर्भित सभी मामलों को वापस करने के लिए कहा है।
एक सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी अदालतों और विभागों से संपर्क करने का निर्णय एनएबी अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) नजीर अहमद बट की अध्यक्षता में हाल ही में हुई बैठक में लिया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नये संशोधनों के बाद जवाबदेही अदालतों ने सफेदपोश अपराध के उन मामलों की निगरानी एनएबी को लौटा दी थी, जिनका संबंध 50 करोड़ रुपये से कम की राशि से है। लेकिन पुराने कानून को बहाल कर दिये जाने से कई दिग्गज नेताओं के खिलाफ मामले फिर से खुल गये हैं, जिनमें जरदारी, नवाज शरीफ, इमरान खान, यूसुफ रजा गिलानी आदि के नाम शामिल हैं।
नवाज शरीफ (73) के 21 अक्टूबर को पाकिस्तान लौटने का कार्यक्रम है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के प्रमुख नवाज शरीफ लंदन में चार साल के स्वनिर्वासन के बाद स्वदेश वापसी करेंगे, लेकिन उन्हें तोशखाना मामले में अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।
वर्ष 2020 में एक जवाबदेही अदालत ने उन्हें तोशाखाना मामले में घोषित अपराधी करार दिया था और इसी मामले में 68 वर्षीय जरदारी और 71 वर्षीय गिलानी भी आरोपी हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY