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विदेश की खबरें | पाक के धार्मिक मामलों के मंत्री ने इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण के लिए मांगी इस्लामी इकाई से राय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मुस्लिम संगठनों के विरोध के बीच इस्लामाबाद में पहले हिन्दू मंदिर निर्माण के लिए सरकार की ओर से पैसा दिए जाने को लेकर पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री नूर उल हक कादरी ने एक इस्लामी इकाई को पत्र लिखकर उसकी राय मांगी है।

विदेश की खबरें | पाक के धार्मिक मामलों के मंत्री ने इस्लामाबाद में मंदिर निर्माण के लिए मांगी इस्लामी इकाई से राय

इस्लामाबाद, नौ जुलाई मुस्लिम संगठनों के विरोध के बीच इस्लामाबाद में पहले हिन्दू मंदिर निर्माण के लिए सरकार की ओर से पैसा दिए जाने को लेकर पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्री नूर उल हक कादरी ने एक इस्लामी इकाई को पत्र लिखकर उसकी राय मांगी है।

कृष्ण मंदिर पाकिस्तान की राजधानी के प्रशासनिक प्रखंड-9 में 20 हजार वर्ग फुट के प्लॉट में बनेगा।

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कादरी ने बुधवार को कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन वास्तविक मुद्दा यह है कि क्या इसे सरकारी पैसे से बनाया जा सकता है।

पाकिस्तान सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

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डॉन अखबार के मुताबिक, कादरी ने मामला अब ‘काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी’ (सीआईआई) को भेज दिया है।

कादरी ने पत्र लिखकर सीआईआई से राय मांगी है कि क्या सरकार को शहर में मंदिर निर्माण के लिए धन आवंटित करने की अनुमति है।

अखबार ने कहा कि पत्र में पूछा गया है कि क्या शासन सरकारी पैसे से किसी गैर मुस्लिम धर्मस्थल का निर्माण कर सकता है ?

पत्र में कहा गया है कि मुद्दे पर सांसदों और कादरी ने प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की। इस दौरान कुछ मौलवी और मौलाना भी मौजूद थे जिन्होंने विवाद खड़ा करने के लिए मंदिर निर्माण का विरोध किया।

सीआईआई के अध्यक्ष किबला अयाज ने मंत्री का पत्र मिलने की पुष्टि की और कहा कि इसे विमर्श के लिए परिषद के शोध विभाग के पास भेज दिया गया है जिसपर सितंबर में होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा।

सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के हिन्दू सांसद रमेश कुमार वांकवानी ने अखबार से कहा कि मंदिर निर्माण के लिए कोष के संबंध में तर्क-वितर्क गलत है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग कहते हैं कि मुसलमानों से एकत्र कर से मंदिर नहीं बनाया जा सकता। यह सही है और हम इससे सहमत हैं, लेकिन क्या पिछले 70 साल में हिन्दुओं से एकत्र किए गए कर से कोई मंदिर बनाया गया है। इसलिए सरकार का 10 करोड़ रुपये का अनुदान वैध है क्योंकि असल में यह हमारा पैसा है।’’

इस बीच, मंदिर निर्माण के समर्थन में नेशनल प्रेस क्लब के पास एक प्रदर्शन भी हुआ।

पाकिस्तान की एक अदालत ने मंगलवार को तीन याचिकओं को खारिज कर दिया जिनमें मंदिर निर्माण का विरोध किया गया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2020 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).