विदेश की खबरें | पाकिस्तान के मुख्य विपक्षी दल ने इमरान खान के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की मांग की

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इस्लामाबाद, 20 दिसंबर पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टी ने प्रधानमंत्री इमरान खान पर देश में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के वास्ते विदेशी मेहमानों के मौजूद रहने के वक्त बस अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए देश एवं उसके राजनीतिक दलों को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

डॉन अखबार की सोमवार की खबर के अनुसार पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने कहा कि खान की अगुवाई वाली सरकार अपने कार्यकाल का तीन साल से अधिक समय पूरा कर चुकी है लेकिन ऐसा जान पड़ता है कि वह ‘‘शरीफ परिवार के डर’’ से ग्रस्त रही है क्योंकि वह अपनी उपलब्धियों का बखान करने के बजाय हर समय उनके नाम लेती रहती है।

वह प्रधानमंत्री द्वारा शुक्रवार को अल जजीरा को दिये गये साक्षात्कार का जिक्र कर रही थीं जहां खान ने एक बार फिर प्रभावशाली भुट्टो एवं शरीफ परिवारों के अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधा था और उनपर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने एवं देश को बर्बाद करने का आरोप लगाया था।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अगुवा खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और दिवंगत नेता बेनजीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की निंदा की थी और कहा था कि ये पार्टियां नहीं बल्कि ‘भ्रष्टाचार एवं देश कीवर्तमान समस्याओं के लिए जिम्मेदार’ वंश हैं।

उन्होंने कहा था कि पीएमएल-एन और पीपीपी समेत परिवार के नेतृत्व में चलने वाली राजनीतिक पार्टियों से लड़ना माफिया से लड़ने के जैसा है और इन दोनों दलों ने उनके विरूद्ध सरकारी संसाधनों एवं मीडिया का इस्तेमाल किया।

उपचार के लिए फिलहाल लंदन में ठहरे नवाज शरीफ पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के आरापों से घिरे हैं। दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पति एवं पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी भ्रष्टाचार के आरापों से घिरे हैं।

मरियम ने खान के साक्षात्कार को राजनीतिक साक्षात्कार करार दिया और उसके समय को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह देश की छवि को उस वक्त मटियामेट करने की कोशिश है जब मुस्लिम देशों के विदेश मंत्री अफगानिस्तान पर इस्लामी सहयेाग संगठन (ओआईसी) की बैठक में पहुंच रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में पीएमएल-एन की सरकार के दौरान जब चीनी राष्ट्रपति आने वाले थे तब भी खान ने ऐसी ही हरकत की थी। यह यात्रा खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं के धरने के आलोक में कानून व्यवस्था के चलते स्थगित कर दी गयी थी।

उन्होंने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि प्रधानमंत्री के पास ओआईसी की बैठक की संवेदनशीता एवं महत्ता को समझने और मुस्लिम विश्व के नेताओं के बीच देश की सकारात्मक छवि पेश करने के तौर तरीके को लेकर मानसिक क्षमता नहीं है।

उन्हेांने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि खान को विपक्ष का उत्पीड़न करने तथा अपनी विफलताओं के लिए उसपर दोष मढ़ने के अलावा कुछ नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि खान अपनी अयोग्यता छिपाने के लिए पाकिस्तान को बदनाम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि खान वाकई जनता को राहत देना चाहते है तो वह अपना पद छोड़ दें।

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