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आसिम मुनीर का संदेश लेकर ईरान पहुंचे पाकिस्तान के गृह मंत्री

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं.

आसिम मुनीर का संदेश लेकर ईरान पहुंचे पाकिस्तान के गृह मंत्री
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि ये अमेरिका के साथ ईरान की शांति वार्ता से जुड़े मतभेदों की एक और कोशिश है.ईरान के साथ जारी अमेरिका की जंग को 100 दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन अभी भी दोनों देश शांति वार्ता को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं. इस बीच दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, ईरान पहुंचे हैं. उनके इस दौरे को ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू करने का की एक नई कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

शांति वार्ता की जारी असफल कोशिशों के बीच अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर दो और ईरानी ड्रोन मार गिराए हैं. अमेरिकी सेना की तरफ से यह हालिया कार्रवाई तब हुई है जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करने का दबाव बना रहा है. बीती 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन दोनों पक्ष अब तक दीर्घकालिक संघर्षविराम पर सहमत होने में असमर्थ रहे हैं.

क्या इस बार सफल हो पाएगा पाकिस्तान?

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक संदेश ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खमेनेई तक पहुंचाने के लिए तेहरान में हैं. नकवी ने शनिवार देर रात ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की और रविवार सुबह विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ बातचीत की.

नकवी, आसिम मुनीर का कौन सा संदेश लेकर आए हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि इस्लामाबाद, कतर, तुर्की और मिस्र सहित दूसरे क्षेत्रीय देशों के समर्थन से, अमेरिका और ईरान के बीच मतभेदों को दूर करने और तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना सुनिश्चित करने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है.

इस्राएल और हिजबुल्लाह के बीच गोलीबारी जारी

ईरान और अमेरिका के बीच जारी लड़ाई में सबसे बड़ी रुकावट लेबनान पर जारी इस्राएली हमले बने हुए हैं. ईरान की शर्त है कि इस्राएल को लेबनान पर अपने हमले रोकने होंगे, तभी वह शांति वार्ता को आगे बढ़ाएगा. हालांकि, पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में इस्राएल और लेबनान के बीच अमेरिकी मध्यस्थता वाली बातचीत के दौरान की गई सीजफायर की घोषणा, टिकती नजर नहीं आ रही है.

हिजबुल्लाह ने अमेरिका की मध्यस्थता वाले इस समझौते को खारिज कर दिया है और इसके बजाय ईरान की इस मांग का समर्थन किया है कि लेबनान में युद्ध को समाप्त करना अमेरिका के साथ बातचीत का हिस्सा होना चाहिए. वहीं, इस्राएल ने पूरे दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 150 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिनमें रॉकेट लॉन्चर और कमांड सेंटर शामिल थे. इस्राएली सेना ने कहा कि 6 जून को दक्षिणी लेबनान में लड़ाई में दो इस्राएली सैनिक मारे गए.

ईरान ने मांग की है कि कोई भी स्थायी युद्धविराम लेबनान तक विस्तारित हो. इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू इस्राएल के आक्रामक अभियान को तब तक जारी रखना चाहते हैं जब तक कि वह हिजबुल्लाह को खतरा ना मानें. इन सबके बीच लेबनान के सेना कमांडर जनरल रोडोल्फ हैकल, पाकिस्तान के सेना प्रमुख के निमंत्रण पर शनिवार को पाकिस्तान रवाना हुए. लेबनानी सेना ने कोई और जानकारी नहीं दी और ना ही यह बताया कि क्या उनका यह दौरा ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से संबंधित है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2026 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).