इस्लामाबाद, 15 मई पाकिस्तान का उच्चतम न्यायालय देश के निर्वाचन आयोग की उस पुनरीक्षण याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा, जिसमें राजनीतिक रूप से अहम पंजाब प्रांत में चुनाव कराने संबंधी चार अप्रैल के उसके आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग (ईसीपी) को 14 मई को प्रांत में चुनाव कराने का आदेश दिया था और यह समय-सीमा रविवार को समाप्त हो गई।
पंजाब प्रांत में चुनाव कराने को लेकर संघीय सरकार एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के बीच गतिरोध बना हुआ था।
हालांकि, गठबंधन सरकार और खान की पार्टी एक ही दिन पूरे देश में आम चुनाव कराने पर इस महीने की शुरुआत में सहमत हो गए, लेकिन चुनाव की तारीख को लेकर मतभेद कायम रहा।
प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल, न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन और न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर की तीन न्यायाधीशों की पीठ ईसीपी की याचिका पर सुनवाई करेगी।
इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि न्यायालय उसके आदेश का उल्लंघन करने को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
न्यायालय ने चार अप्रैल के अपने आदेश में नकदी की तंगी से जूझ रही संघीय सरकार को पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनाव कराने के लिए 10 अप्रैल तक 21 अरब रुपये उपलब्ध कराने और मतदान के दिन शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन सरकार ने वित्तीय एवं सुरक्षा कारणों का हवाला देकर दोनों में से एक भी आदेश का पालन नहीं किया।
इसके बजाय सरकार ने देरी करने की रणनीति अपनाई और वह इस मामले को संसद में ले गई जिसने चुनाव के लिए धन की मांग करने वाले विधेयक का समर्थन करने से इनकार कर दिया।
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