देश की खबरें | पाकिस्तान का निश्चित तौर पर मुकाबला करना चाहिए लेकिन कश्मीरियों को अपनाना चाहिए: सरकार से ओवैसी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में हुए स्वतः स्फूर्त विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि इससे पता चलता है कि क्षेत्र में पाकिस्तान के लिए कोई समर्थन नहीं बचा है।

हैदराबाद, 17 मई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में हुए स्वतः स्फूर्त विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि इससे पता चलता है कि क्षेत्र में पाकिस्तान के लिए कोई समर्थन नहीं बचा है।

हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘वास्तव में यह सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उन्हें इस अवसर का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। आपको निश्चित रूप से पाकिस्तान का मुकाबला करना चाहिए, लेकिन आपको कश्मीरियों को अपनाना भी चाहिए।’’

ओवैसी ने कहा कि 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले के बाद, ‘‘हर कश्मीरी घर में मातम था।’’

कश्मीरियों को अपनाने से उनका क्या तात्पर्य है, इस बारे में विस्तार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां मानवाधिकारों का हनन न हो, ‘‘उन्हें उनके अधिकार मिलने चाहिए, देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरी छात्रों पर हमला नहीं होना चाहिए।’’

ओवैसी ने कहा, ‘‘यह सब किया जाना चाहिए। हमें यह अवसर नहीं खोना चाहिए। कश्मीरियों को उनके भाग्य पर मत छोड़ो। उन्हें अपनाओ।’’

उन्होंने कहा कि भारत में अस्थिरता और सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देना और इसके आर्थिक विकास को विफल करना पाकिस्तान की अलिखित विचारधारा है। और यह तब से ऐसा कर रहा है जब से इसने भारत की आजादी के बाद जम्मू कश्मीर में कबाइली घुसपैठियों को भेजा था।

एआईएमआईएम नेता ओवैसी ने कहा, ‘‘जब तक पाकिस्तानी ‘डीप स्टेट’ (नीति-निर्माण को नियंत्रित करने वाले प्रभावशाली, ताकतवर गैर सरकारी तत्व), पाकिस्तानी आईएसआई, पाकिस्तानी सेना का उद्देश्य भारत को अस्थिर करना है, तब तक आप पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं कर सकते।’’

गत 22 अप्रैल को पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे। राजनीतिक दलों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस भयावह हमले की निंदा की और आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया।

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