विदेश की खबरें | पाकिस्तान: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भ्रष्टाचार मामले में अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील दायर की

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, आठ अगस्त पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भ्रष्टाचार के एक मामले में निचली अदालत द्वारा अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए मंगलवार को अपील दायर की और कहा कि एक ‘‘पक्षपाती’’ न्यायाधीश का फैसला ‘‘उचित प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई में घोर लापरवाही’’ और ‘‘न्याय का घोर उपहास’’ है।

खान (70) को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद की अदालत द्वारा ‘भ्रष्टाचार’ का दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने खान को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है।

‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, खान ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर कर भ्रष्टाचार के मामले में अपनी दोषसिद्धि और तीन साल की जेल की सजा को चुनौती दी है।

पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से उनके वकील ख्वाजा हरीस और गौहर अली खान ने यह याचिका दायर की।

याचिका में निचली अदालत के फैसले को अमान्य घोषित करने का अनुरोध करते हुए कहा गया है, ‘‘तोशाखाना मामले में निचली अदालत का फैसला कानून के खिलाफ है।’’

याचिकाकर्ता के वकीलों ने उच्च न्यायालय से खान के खिलाफ सजा निलंबित कर उन्हें (पूर्व प्रधानमंत्री को) रिहा करने का अनुरोध किया।

खान की याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा पारित फैसला ‘‘पक्षपातपूर्ण के साथ-साथ पूर्वाग्रह से ग्रसित है’’ और कानून की नजर में अमान्य है, इतना ही नहीं यह रद्द किये जाने योग्य है।

याचिका में कहा गया है कि निचली अदालत का यह फैसला ‘‘उचित (कानूनी) प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई में घोर लापरवाही’’ और ‘‘न्याय का घोर उपहास’’ है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत के न्यायाधीश ने पांच अगस्त का फैसला ‘‘पहले से ही लिख लिया था’’ और रेखांकित किया कि किस तरह से निचली अदालत के न्यायाधीश को ‘‘35 पन्नों से अधिक के फैसले’’ को सुनाने में महज ‘‘30 मिनट’’ लगे।

याचिका में इस्लामाबाद के जिला निर्वाचन आयुक्त को प्रतिवादी नामित किया गया है।

तोशाखाना एक भंडार है, जहां किसी प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान विदेशी अधिकारियों द्वारा सरकारी अधिकारियों को सौंपे गए उपहार रखे जाते हैं और उनकी कथित बिक्री से आय प्राप्त होती है। तोशाखाना मामले में आरोप है कि खान ने तोशाखाना से अपने पास रखे गए उपहारों का विवरण ‘‘जानबूझकर छुपाया’’।

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