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विदेश की खबरें | पाकिस्तान की अदालत ने जाधव मामले में सुनवाई के लिए दो सदस्यीय पीठ गठित की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को दो सदस्यीय पीठ का गठन किया। पाकिस्तान के मीडिया ने यह बात कही।

विदेश की खबरें | पाकिस्तान की अदालत ने जाधव मामले में सुनवाई के लिए दो सदस्यीय पीठ गठित की

इस्लामाबाद, 30 जुलाई इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को दो सदस्यीय पीठ का गठन किया। पाकिस्तान के मीडिया ने यह बात कही।

जियो न्यूज समेत पाकिस्तान के मीडिया ने खबर प्रकाशित-प्रसारित की कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्ला और साथी जज मियांगुल हसन औरंगजेब की पीठ सोमवार को सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगी।

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पाकिस्तान ने 22 जुलाई को एकपक्षीय कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में याचिका दाखिल कर जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की थी।

हालांकि पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा 20 मई को लागू अध्यादेश के तहत आवेदन दाखिल किये जाने से पहले भारत सरकार समेत मुख्य पक्षों से परामर्श नहीं किया गया।

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अंतरराष्ट्रीय न्याय समीक्षा और पुनर्विचार अध्यादेश 2020 के तहत किसी सैन्य अदालत के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका अध्यादेश लागू होने के 60 दिन के अंदर एक आवेदन के माध्यम से इस्लामाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की जा सकती है।

पाक संसद ने इसी सप्ताह अध्यादेश को मंजूरी दी थी।

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (50) को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।

जाधव को पाकिस्तान द्वारा राजनयिक पहुंच नहीं दिये जाने के खिलाफ और उन्हें सुनाई गयी मौत की सजा को चुनौती देने के लिए भारत ने आईसीजे का रुख किया था।

हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में व्यवस्था दी थी कि पाकिस्तान को जाधव की दोषिसिद्धि और उन्हें सुनाई गयी मौत की सजा पर प्रभावी तरीके से पुनर्विचार करना चाहिए।

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने अपनी याचिका में इस्लामाबाद हाई कोर्ट से कहा है कि जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए ताकि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के क्रियान्वयन की अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सके।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आइशा फारूकी ने पिछले सप्ताह कहा था कि आईसीजे के निर्णय को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाये गये हैं।

पाकिस्तान सरकार ने दावा किया था कि जाधव ने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दाखिल करने से इनकार किया है।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान ने जाधव को सुनाई गयी मौत की सजा के खिलाफ उन्हें उपलब्ध कानूनी उपाय मुहैया नहीं कराके एक बार फिर ‘कपटपूर्ण’ रुख अपनाया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस मामले में भारत के पास उपलब्ध सभी रास्ते बंद कर दिये हैं।

श्रीवास्तव ने इस बात का जिक्र किया कि नयी दिल्ली ने पिछले एक साल में जाधव से राजनयिक संपर्क कराने का 12 बार अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘बार-बार के अनुरोध के बावजूद मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की पूरी कवायद, निर्बाध राजनयिक संपर्क मुहैया नहीं कराने देने और पाकिस्तान द्वारा कुछ कथित एकतरफा कार्रवाई करते हुए एक बार फिर से उच्च न्यायालय का रुख करना पाकिस्तान के कपटपूर्ण रवैया को बेनकाब करता है।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पाकिस्तान न सिर्फ आईसीजे के निर्णय का, बल्कि अपने खुद के अध्यादेश का भी उल्लंघन कर रहा है। ’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2020 07:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).