विदेश की खबरें | पाक राष्ट्रपति अल्वी 2014 के पीटीवी हमला मामले में अदालत में पेश हुए

इस्लामाबाद, चार मार्च सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सदस्यों द्वारा 2014 में एक टेलीविजन नेटवर्क और संसद पर हमले से संबंधित एक मामले के सिलसिले में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी शुक्रवार को यहां एक आतंकवाद विरोधी अदालत के समक्ष पेश हुए।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के धरने के दौरान 31 अगस्त 2014 को पाकिस्तान टेलीविजन (पीटीवी) और संसद भवन पर हमला हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए पीटीवी पर नियंत्रण कर लिया था लेकिन सेना ने उन्हें वहां से हटा दिया था।

पुलिस ने आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत हिंसा भड़काने के लिए पीटीआई प्रमुख और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे अल्वी, असद उमर, शाह महमूद कुरैशी, शफकत महमूद और राजा खुर्रम नवाज के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

अपने वकील बाबर अवान के साथ, अल्वी इस्लामाबाद में एटीसी न्यायाधीश मुहम्मद अली वाराइच के सामने पेश हुए और संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत राष्ट्रपति को मिली ‘प्रतिरक्षा’ का लाभ उठाने से इनकार करने के लिए एक आवेदन दायर किया।

उन्होंने अदालत से कहा, “मैं इसको (छूट को) वापस लेना चाहता हूं क्योंकि मेरा मानना है कि किसी के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वह इस बात से भी बचना चाहते हैं कि वह अदालत के सामने पेश नहीं हुए।

न्यायाधीश के साथ बातचीत में अल्वी ने शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की और कहा कि उनके पिता ने 1977 में एक मामला दायर किया था जो अब भी लंबित है।

अदालत द्वारा सुनवाई पूरी करने और पिछले महीने अपना फैसला सुरक्षित रखने से पहले यह मामला सालों तक लटका रहा था। इस मामले में फैसला नौ मार्च को सुनाया जाएगा।

अल्वी ने कहा कि वह फैसले की घोषणा से पहले अपनी बात रखना चाहते हैं। अदालत में पेश होने के बाद उसने मीडिया से कहा कि वह किसी भी अन्य पाकिस्तानी की तरह न्याय मांगने आए हैं।

उन्होंने कहा, “मैं आज अदालत में एक आम नागरिक के तौर पर पेश हुआ, न कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति के तौर पर।”

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