पाक पीएम चीन रवाना, क्या होगा एजेंडा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार को चार दिन के चीन दौरे पर रवाना हुए.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार को चार दिन के चीन दौरे पर रवाना हुए. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हाल में अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों के बीजिंग दौरे के तुरंत बाद चीन की यात्रा कर रहे हैं.शरीफ ऐसे समय में चीन का दौरा कर रहे हैं, जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. वह सबसे पहले चीन के पूर्वी शहर हांगचोऊ जाएंगे और वहां एक बिजनेस फोरम में शामिल होंगे. इसका मकसद पाकिस्तान और चीन की कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ाना है. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई अहम समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बीजिंग का दौरा करेंगे जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीनी प्रधानमंत्री ली छियांग से होगी. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ चियाकुन ने बताया, "चीन और पाकिस्तान के नेता दोतरफा संबंधों और साझा हितों के मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे." हालांकि चीन की तरफ से स्पष्ट तौर पर यह नहीं कहा गया है कि इस दौरान युद्ध पर भी चर्चा होगी या नहीं.
मध्य पूर्व का संकट
चीन और पाकिस्तान ईरान युद्ध की वजह से मध्य पूर्व में पैदा संकट के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं. फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमलों के बाद छिड़े युद्ध में अभी 8 अप्रैल से संघर्षविराम है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि कूटनीति की खिड़की अब बंद हो रही है.
चीनी प्रवक्ता गुओ ने कहा कि चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करेगा ताकि "मध्य पूर्व में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सकारात्मक योगदान दिया जा सके." उन्होंने कहा, "चीन युद्ध को रुकवाने और शांति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की निष्पक्ष और सुंतलित मध्यस्थता का समर्थन करता है."
पाकिस्तान इस संकट में ईरान और अमेरिका के बीच एक केंद्रीय मध्यस्थ के तौर पर उभरा है. उसने पिछले महीने इस्लामाबाद में शांति वार्ता का आयोजन भी कराया था, हालांकि उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. उधर पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हाल में तेहरान में ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालीबाफ से मुलाकात की. इसके बाद पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ईरान का दौरा किया.
इसी महीने चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन कॉल के जरिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार से आग्रह किया कि पाकिस्तान मध्य पूर्व में शांति के लिए अपनी कोशिशों को बढ़ाए. वैसे बीते दो हफ्तों में बीजिंग विश्व कूटनीति के केंद्र में रहा क्योंकि पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने वहां का दौरा किया और उसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने.
सदाबहार दोस्ती
इस साल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ का यह पहला चीन दौरा है. पिछले साल अगस्त में उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लिया. इसके बाद बीजिंग में होने वाले शानदार परेड के मौके पर भी वह मौजूद रहे.
इसी महीने चीन और पाकिस्तान के कूटनीतिक संबंधों को स्थापित हुए 75 साल पूरे हुए हैं. इस मौके पर होने वाले आयोजनों में भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मौजूद रहेंगे. चीन और पाकिस्तान के बीच दशकों से बेहद करीबी संबंध हैं और उनकी इस सदाबहार दोस्ती को अक्सर, "हिमालय की ऊंची, महासागर से गहरी, शहद से भी मीठी और फौलाद से भी मजबूत" कहा जाता है.
दोनों देशों के बीच 523 किलोमीटर लंबी सीमा है. पाकिस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार और निवेशक चीन ही है, खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक कोरिडोर में चीन ने अरबों डॉलर का निवेश किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2026 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

