जरुरी जानकारी | मलेशिया में गिरावट जारी रहने के बीच पाम-पामोलीन के दाम टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया में गिरावट का दौर जारी रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं आवक, अपेक्षा से काफी कम रहने तथा शिकॉगो एक्सचेंज में मजबूती रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। सहकारी संस्था नेफेड की बिकवाली के दबाव के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, सात मई मलेशिया में गिरावट का दौर जारी रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं आवक, अपेक्षा से काफी कम रहने तथा शिकॉगो एक्सचेंज में मजबूती रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल और बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। सहकारी संस्था नेफेड की बिकवाली के दबाव के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट जारी है। वहीं शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात भी तेजी थी और फिलहाल भी यहां मजबूती जारी है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मलेशिया में जारी गिरावट के बीच वहां सीपीओ का दाम घटकर अब 1,025 डॉलर प्रति टन रह गया है जो नवंबर, 2024 में 1,310 डॉलर प्रति टन की ऊंचाई को छू रहा था। इस प्रकार सीपीओ का भाव अब सोयाबीन तेल से लगभग 60 डॉलर नीचे हो गया है। इसी प्रकार, पामोलीन तेल का भाव भी घटकर अब 990 डॉलर प्रति टन रह गया जो सोयाबीन तेल से लगभग 95 डॉलर नीचे है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति के बीच देश के उन आयातकों की हालत पस्त हो चली है जिन्होंने पहले से बैंकों के कर्ज के सहारे ऊंचे भाव पर पाम-पामोलीन का आयात कर रखा था। उनके संकट का कारण है कि पाम-पामोलीन का भाव टूटने के कारण उन्हें लागत से सस्ते दाम पर इन तेलों की बिक्री करनी होगी। ऐसे में बैंकों का कर्ज डूबे तो आश्चर्य की बात नहीं होगी।
सूत्रों ने कहा कि पिछले वर्षों में अप्रैल-मई के महीने में इस समय जो सरसों की मंडियों में आवक होती रही है, उसके मुकाबले आवक कम हो रही है। कच्ची घानी की बड़ी मिलों की ओर से सरसों की मांग भी बढ़ रही है। इन स्थितियों के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम में सुधार दिखा।
उन्होंने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत रहने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में भी सुधार है। उपलब्धता काफी कम रहने के बीच नमकीन बनाने वाली कंपनियों की छिटपुट मांग होने से बिनौला तेल कीमत में भी सुधार आया।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,260-6,360 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,650-6,025 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,225-2,525 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,365-2,465 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,365-2,490 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,080 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,550 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,150-4,200 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2025 08:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

