मेलबर्न, 14 अक्टूबर ऑस्ट्रेलिया स्थित ‘द ग्रेट बैरियर रीफ’ की आधी से अधिक प्रवाल आबादी पिछले तीन दशक में समाप्त हो चुकी है।
यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है। ‘द ग्रेट बैरियर रीफ’ विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति अथवा मूंगा चट्टान है।
इससे संबंधित अध्ययन रिपोर्ट ‘प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई है। इसमें कहा गया है कि अध्ययन में विश्व के सबसे बड़े मूंगा चट्टान क्षेत्र में 1995 से 2017 के बीच इसकी आबादी और आकार का आकलन किया गया तथा पाया गया कि छोटे, मध्यम और बड़े सभी तरह के प्रवालों की संख्या में इस अवधि में कमी आई है।
ऑस्ट्रेलिया स्थित ‘एआरसी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कोरल रीफ स्टडीज’ के टेरी हफेज ने कहा, ‘‘हमने पाया कि 1990 के दशक के बाद से ग्रेट बैरियर रीफ में 50 प्रतिशत से अधिक छोटे, मध्यम और बड़े प्रवाल खत्म हो चुके हैं।’’
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अध्ययन रिपोर्ट के सह-लेखक एंडी डीजेल ने कहा कि इस सब पर रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सर्वाधिक बुरा असर पड़ा। इसकी वजह से 2016 और 2017 में सामूहिक ‘ब्लीचिंग’ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मूंगा चट्टान क्षेत्र में ‘ब्लीचिंग’ एक ऐसा घटनाक्रम होता है जिससे प्रवाल खत्म हो जाते हैं।
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