देश की खबरें | जलवायु परिवर्तन को लेकर 80 प्रतिशत से अधिक भारतीय सचेत या चिंतित : अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश में 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग जलवायु परिवर्तन को लेकर सचेत या चिंतित हैं और इसके प्रभाव को कम करने के लिए ऊर्जा नीतियां लाने के पक्ष में हैं। एक नए अध्ययन में यह कहा गया है।
तिरुवनंतपुरम, चार मई देश में 80 प्रतिशत से ज्यादा लोग जलवायु परिवर्तन को लेकर सचेत या चिंतित हैं और इसके प्रभाव को कम करने के लिए ऊर्जा नीतियां लाने के पक्ष में हैं। एक नए अध्ययन में यह कहा गया है।
‘येल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज कम्युनिकेशन’ और ‘सी वोटर इंटरनेशनल’ द्वारा जलवायु परिवर्तन के संबंध में किए गए अध्ययन में देश के प्रतिभागियों को चार श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। अध्ययन के तहत ‘सचेत’ श्रेणी में 54 प्रतिशत लोग शामिल थे। ‘चिंतित’ श्रेणी में 20 प्रतिशत, ‘सावधान’ श्रेणी में 11 प्रतिशत और अलग श्रेणी में सिर्फ 7 प्रतिशत लोग शामिल हैं।
अध्ययन में पाया गया कि तीन वर्गों से संबंधित अधिकतर लोगों ने जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के लिए नीतियों के निर्माण का समर्थन किया और कहा कि भारत सरकार को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए और अधिक प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बारे में भारतीयों को जागरुक करने, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नौकरियों को लेकर लोगों को प्रशिक्षित करने, समुदायों को स्थानीय जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चेक डैम बनाने के वास्ते प्रोत्साहित करने के संबंध में राष्ट्रीय कार्यक्रम तैयार करने का समर्थन किया। अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों ने यह राय भी व्यक्त की कि भारत को अन्य देशों से पहले अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को तुरंत कम करना चाहिए।
आईएसबी (इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस) में ‘भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी’ में एसोसिएट प्रोफेसर (अनुसंधान) और शोध निदेशक डॉ अंजल प्रकाश ने कहा, ‘‘भारत के लोगों के लिए रिपोर्ट का संदेश स्पष्ट है। भारतीय जलवायु परिवर्तन के बारे में चिंतित हैं, जलवायु नीतियों का समर्थन करते हैं और अपनी सरकारों से नेतृत्व चाहते हैं।’’
अध्ययन के मुताबिक, सचेत श्रेणी में 52 प्रतिशत प्रतिभागी ग्रामीण इलाकों के, 32 प्रतिशत शहरी इलाकों के और 16 प्रतिशत अर्द्धशहरी क्षेत्र के थे।
अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर लोगों ने कहा कि उन्होंने मौसम में बदलाव देखा है, बारिश बढ़ रही है या घट रही है, और तापमान बढ़ रहा है। कई लोगों ने जलवायु संबंधी चरम घटनाओं की चपेट में आने और इससे उबरने में लंबी अवधि की बात भी स्वीकार की।
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