इंफाल, 28 मई मणिपुर में जातीय हिंसा से उत्पन्न सभी चुनौतियों से पार पाते हुए रविवार को 3,300 से अधिक अभ्यर्थी यहां 12 निर्धारित केंद्रों पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा देने पहुंचे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आज सुबह से राज्य की राजधानी में किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
मणिपुर लोक सेवा आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ इंफाल में 12 उप-केंद्रों पर कुल 4,051 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। हालांकि, हिंसा के कारण 700 अभ्यर्थियों ने राज्य के बाहर केंद्रों में परीक्षा देने का विकल्प चुना था। ’’
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के मद्देनजर राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद झड़पें हुई थीं।
मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और ये मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासियों- नगा और कुकी की आबादी 40 प्रतिशत है और ये पर्वतीय जिलों में रहते हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY