देश की खबरें | आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में 2.35 लाख से अधिक मामले लंबित
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अमरावती, 22 जुलाई आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में 2.35 लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से सरकार 2.04 लाख मामलों में स्पष्ट रूप से प्रतिवादी है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को एक लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि 15 जुलाई, 2022 तक आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में कुल 2,35,617 मामले लंबित थे।
वाईएसआर कांग्रेस सांसद पिल्लई सुभाष चंद्र बोस द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में रीजीजू ने कहा कि इनमें से 42,374 मामले एक दशक से अधिक समय से लंबित हैं।
इस साल 13 जून से 19 जुलाई के बीच राज्य सरकार के खिलाफ 9,687 मामले दायर किए गए, जिन्हें मिलाकर सरकार के खिलाफ दायर मामलों की कुल संख्या 2,20,136 हो गई।
एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में, हमने लगभग 16,000 मामलों में अंतिम आदेश प्राप्त किए हैं। इसलिए, अब सरकार के खिलाफ मामलों की कुल संख्या घटकर केवल 2.04 लाख रह गई है।’’
उच्च न्यायालय के ‘एप्लीकेशन प्रोटोकॉल इंटरफेस’ से संकलित सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 7,349 मामले पहले के आदेशों का पालन न करने के कारण अदालत की अवमानना से संबंधित हैं।
आंकड़ों के अनुसार, राजस्व विभाग 56,157 मामलों के साथ तालिका में सबसे ऊपर है, जिनमें से 29,759 मामले भूमि विवाद से संबंधित हैं।
इसके बाद गृह (पुलिस) विभाग के 50,102 मामले, विधि विभाग के 41,414 मामले, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के 11,413 मामले और नगर प्रशासन के 10,341 मामले शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार अवमानना के मामलों में भी, राजस्व विभाग 2,128 मामलों के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद विधि विभाग के 2,065 मामले और पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास के 579 मामले हैं।
इनके अनुसार, कानून विभाग से संबंधित अवमानना के मामलों में 12 भारत सरकार से संबंधित हैं, दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और 1,289 निजी पक्षों से संबंधित हैं। पिछले साल अगस्त और अब तक की अवधि के बीच, राज्य सरकार के खिलाफ कुल मामलों की संख्या 1.94 लाख से बढ़कर 2.20 लाख हो गई। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि केवल फरवरी और जुलाई 2022 के बीच 21,355 मामले जोड़े गए। हालांकि, कुल मामलों में से 16,000 अब निपटाए जा चुके हैं।
राज्य के मुख्य सचिव समीर शर्मा समय-समय पर विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर न्यायालय में जवाब दाखिल करने में तेजी लाने के लिए समीक्षा बैठकें कर रहे हैं।
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