देश की खबरें | हमारी रणनीति सफल रही: चिराग-सात्विक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की स्टार जोड़ी ने इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के बाद गुरुवार को कहा कि उन्होंने मैच के लिए जो रणनीति बनाई थी वह सफल रही।
नयी दिल्ली, 18 जनवरी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की स्टार जोड़ी ने इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के बाद गुरुवार को कहा कि उन्होंने मैच के लिए जो रणनीति बनाई थी वह सफल रही।
एशियाई खेलों की चैंपियन सात्विक और चिराग की दुनिया की दूसरे नंबर की जोड़ी ने ल्यु चिंग याओ और यैंग पो हान की चीनी ताइपे की दुनिया की 25वें नंबर की जोड़ी के खिलाफ सीधे गेम में 21-14, 21-15 से जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी ने इस तरह जापान ओपन में पिछले मैच में इस जोड़ी के खिलाफ मिली शिकस्त का बदला भी चुकता कर दिया।
चिराग ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छी जीत है क्योंकि पिछले मैच में जापान ओपन में हमें उनके खिलाफ पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था। आज हम बदला लेने में सफल रहे। हमने पूरे मैच के दौरान दबदबा बनाए रखा। हमने मैच के लिए जो भी रणनीति बनाई थी वह आज काम कर गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके खिलाफ पिछले मैच में हार के बाद हम आज ऊर्जा से भरे थे। वे मजबूत जोड़ी हैं इसलिए हम उन्हें कोई मौका नहीं देना चाहते थे।’’
पिछले कुछ समय में भारतीय जोड़ी ने अच्छी स्थिति में होने के बाद गेम गंवाए हैं और सात्विक ने कहा कि वह आज भी तीन गेम का मुकाबला खेलने के लिए तैयार थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं तीसरा गेम खेलने के लिए भी तैयार था। अगर हम कुछ अंक गंवा भी देते तो कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारे लिए यह आदत हो गई इसलिए हम इस बारे में अधिक नहीं सोच रहे थे और अपने खेल पर ध्यान दे रहे थे। हम बस उनकी लय तोड़ना चाहते थे और इसमें सफल रहे। हम उन्हें आसान अंक नहीं देना चाहते थे। साथ ही वह पिछले मुकाबले जितने सहज भी नहीं थे।’’
चिराग ने कहा कि इस मैच में डिफेंस उनका कमजोर पक्ष था और उन्हें इसमें सुधार करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस मैच में मेरा डिफेंस काफी खराब था। मैं इससे बेहतर कर सकता हूं। तेज कोर्ट पर हालांकि आपको अधिक डिफेंस का मौका नहीं मिलता और आपको लगातार आक्रामक होकर खेलना पड़ता है। कुछ अंक बनाने के बाद मुझे आत्मविश्वास आया लेकिन अगले मैच में डिफेंस में बेहतर करना होगा।
भारत के शीर्ष एकल खिलाड़ी और आठवें वरीय एचएस प्रणय ने हमवतन भारतीय प्रियांशु राजावत को 20-22, 21-14, 21-14 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।
प्रणय ने मैच के बाद प्रियांशु की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘प्रियांशु के लिए दुर्भाग्यशाली रहा कि दूसरे गेम में उसका टखना मुड़ गया। पहले गेम काफी करीबी रहा। मैं 18-16 से आगे था और मेरे पास मौका था लेकिन उसने पहले गेम के अंत में शानदार खेल दिखाया। मुझे लगता है कि मैं दूसरा और तीसरा गेम खेलने के लिए तैयार था। दुर्भाग्य से वह दूसरे गेम के बाद उतना अच्छा नहीं खेल पाया लेकिन वह टक्कर दे रहा था पर मैं मैच खत्म करने में सफल रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि वह ऐसा खिलाड़ी है जिसने पिछले एक से दो साल में काफी प्रगति की है। जब 21 साल का लड़का इस स्तर पर खेलता है तो यह देखकर अच्छा लगता है। अगले चार से पांच साल में आपको उसकी बड़ी जीत देखने को मिलेंगी। वह काफी प्रतिभावान है, वह काफी कुशल है और कभी कभी उसके खिलाफ डिफेंस करना काफी मुश्किल हो जाता है। वह काफी मजबूत लग रहा है।’’
प्रणय को शुरुआती दो मैच में हमतवन खिलाड़ियों भिड़ना पड़ा है लेकिन उन्होंने कहा कि ड्रॉ में खिलाड़ी कुछ नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ड्रॉ में कुछ नहीं कर सकते। यह टूर्नामेंट सॉफ्टवेयर से तैयार होता है। शुरुआती दौर में हमने चीन और जापान के काफी खिलाड़ियों को भी आपस में भिड़ते हुए देखा है। सुपर 750 और 1000 स्तर के टूर्नामेंट में ऐसा होता है। खिलाड़ियों के नजरिए से कभी कभी अपने हमवतन के खिलाफ खेलना हताशा भरा होता है। हम उनके साथ लगातार अभ्यास करते हैं और बड़े टूर्नामेंट में उनसे खेलना आसान नहीं होता।’’
अंगुली में लगी चोट के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘मेरी अंगुली ठीक है। चोट नहीं लगी है, बस थोड़ी त्वचा उखड़ गई है।’’
प्रियांशु ने अपनी चोट के बारे में कहा, ‘‘अभी चोट के बारे में कुछ नहीं कह सकता। फिजियो जब जांच करेंगे तभी पता चलेगा।’’
मैच में अपने प्रदर्शन पर प्रियांशु ने कहा, ‘‘मैं पिछली बार की तुलना में काफी बेहतर खेला। ऑस्ट्रेलिया में सेमीफाइनल में उनके आसानी से हार गया था। इस बार मैं पूरी तैयारी के साथ आया था कि मुझे जीतना ही है। पहले गेम में जीतने के बाद मुझे लगा था कि हमैं दूसरे गेम में मैच खत्म कर दूंगा लेकिन टखने मुड़ने के बाद खेलने में थोड़ा डर लग रहा था लेकिन मैंने कभी मैच के बीच से हटने के बारे में नहीं सोचा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)