देश की खबरें | रमानी के झूठे, अपमानजनक बयान के कारण अन्य ने इसे दोहराया : मीटु मामले में अकबर ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की अदालत से कहा कि पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा यौन दुर्व्यवहार को लेकर उनके खिलाफ दिए गए ‘झूठे एवं अपमानजनक बयान’ की वजह से अन्य लोगों एवं मीडिया ने भी उन आरोपों को दोहराया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात जनवरी पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने बृहस्पतिवार को दिल्ली की अदालत से कहा कि पत्रकार प्रिया रमानी द्वारा यौन दुर्व्यवहार को लेकर उनके खिलाफ दिए गए ‘झूठे एवं अपमानजनक बयान’ की वजह से अन्य लोगों एवं मीडिया ने भी उन आरोपों को दोहराया।

अकबर ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपालिटिन मजिस्ट्रेट (अवर मुख्य महानगरीय दंडाधिकारी- एसीएमएम) रवींद्र कुमार की अदालत में उनके द्वारा रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे की अंतिम सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा के जरिये जवाब दाखिल किया।

गौरतलब है कि रामनी ने आरोप लगाया है कि अकबर 20 साल पहले जब पत्रकार थे तब उन्होंने यौन दुर्व्यवहार किया था जिसके खिलाफ अकबर ने आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।

रमानी ने वर्ष 2018 में मीटू अभियान के दौरान ये आरोप लगाए थे तब अकबर केंद्र में मंत्री थे।

लूथरा ने कहा कि रमानी के ट्वीट कई लेखों के आधार पर बने।

उन्होंने कहा, ‘‘ उनके (रमानी) द्वारा दिया गये झूठे एवं अपमानजनक बयान की वजह से अन्य लोगों एवं मीडिया ने भी उन्हें दोहराया। उन्होंने इसकी शुरुआत की। इसलिए जब मैं (अकबर) वापस आया, मैंने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।’’

लूथरा ने कहा कि महिलाओं को इसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का विकल्प मौजूद है लेकिन रमानी के ‘कानून के तहत कार्रवाई करने की इच्छा नहीं थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब रमानी कहती हैं कि कोई विधि सम्मत उपाय नहीं है तो यह गलत है। वास्तव में वे कह रहे हैं कि आप अदालत जाए बिना समानंतर सुनवाई कर सकते हैं और कानूनी प्रणाली शिकायत निवारण का मौका देती है।’’

लूथरा ने कहा कि रमानी की कानून के तहत कार्रवाई करने की इच्छा नहीं, इसका अनुपालन करने की रुचि नहीं है, यह बहुत आसान है कि किसी की छवि खराब करें किसी की सोशल मीडिया पर मानहानि करे, यह स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने दोहराया कि अकबर की ‘बेदाग छवि’ थी जो रमानी की वजह से खराब हुई।

इस मामले के सुनवाई के दौरान बहस पूरी नहीं हो सकी और अदालत में अब 12 जनवरी को इस मामले की सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि अकबर ने 15 अक्टूबर 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 17 अक्टूबर 2018 को मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

अकबर ने रमानी के सभी आरोपों का खंडन किया है।

करीब 20 महिलाओं ने अकबर पर पत्रकार रहने के दौरान यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

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