जरुरी जानकारी | आयुध कारखाना बोर्ड 75 प्रतिशत सामान छोटे और मझौले उद्योगों से खरीदता है: बोर्ड के चेयरमैन

कोलकाता, 11 दिसंबर आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) के चेयरमैन सी एस विश्वकर्मा ने शुक्रवार को कहा कि वह करीब 4,000 विक्रेताओं से अपनी जरूरतों का सामान खरीदता है जिनमें 75 प्रतिशत विक्रेता छोटे और मध्यम श्रेणी के उद्योग हैं।

विश्कर्मा ने कहा कि कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देते हुये वह छोटे और मझौले उद्यमों (एमएसएमई) विक्रेताओं को माल मिलने के 60 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाता है। उन्होंने इसके लिये किसी तरह की गारंटी शर्त की भी जरूरत नहीं होती है।

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भारत चैंबर आफ कामर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ओएफबी के चेयरमैन ने कहा, ‘‘आयुध कारखाने हर साल 4,000 से लेकर 5,000 करोड़ रुपये का सामान विभिन्न विक्रेताओं से खरीदते हैं।’’ यह कार्यक्रम ‘ओएफबी और भारतीय उद्योगों के लिये अवसर’ विषय पर आयोजित किया गया था।

विश्वकर्मा ने कहा कि देशभर में फैली 41 आयुध निर्माणी कारखानों को विभिन्न प्रकार का सामान आपूर्ति करने में 4,000 के करीब विक्रेता लगे हुये हैं।

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उन्होंने यह भी कहा कि आयुध कारखाने अपनी परीक्षण सुविधाओं को निजी कंपनियों को भी उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने कहा कि कारोबार सुगमता और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिये एक ई- खरीद सुविधा शुरू की गई है।

विश्वकर्मा आयुध कारखाना बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ ही आयुध कारखानों के महानिदेशक भी हैं।

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