स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए अध्यादेश: हरियाणा में डीआईजी स्तर का अधिकारी बना नोडल अधिकारी
महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया गया है जिसमें कोविड-19 से निपट रहे स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ हिंसा के कृत्य को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाया गया है।
चंडीगढ़, 23 अप्रैल हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस के संकट के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर हिंसा के मामले में कार्रवाई करने के लिए केंद्र द्वारा जारी अध्यादेश को लागू करने के मकसद से बृहस्पतिवार को डीआईजी स्तर के एक अधिकारी को राज्य का नोडल अधिकारी नियुक्त किया।
महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाया गया है जिसमें कोविड-19 से निपट रहे स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ हिंसा के कृत्य को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाया गया है।
इसमें स्वास्थ्य कर्मियों के चोटिल होने पर उन्हें मुआवजा प्रदान करने का भी प्रावधान है।
एक आधिकारिक बयान में यहां कहा गया कि सभी पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश के कार्यान्वयन के लिए जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी।
हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्द्धन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 08:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

