स्वतंत्रता दिवस के बाद ‘‘अश्लील’’ भोजपुरी गाने बजाए जाने के मामले की जांच के आदेश
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कथित तौर पर ‘‘अश्लील’’ भोजपुरी गाना बजाए जाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
वाराणसी (उप्र), 16 अगस्त : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद कथित तौर पर ‘‘अश्लील’’ भोजपुरी गाना बजाए जाने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद इसकी काफी आलोचना हुई, जिसके बाद आईआईटी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है.
आईआईटी जनसंपर्क कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आईआईटी के जिमखाना मैदान में ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के समापन के बाद अध्यापक और कर्मचारीगण वहां से चले गए, तभी कुछ युवाओं ने ‘म्यूजिक सिस्टम’ को अपने मोबाइल फोन से जोड़ लिया, भोजपुरी गाने बजाए और नाचने लगे. उन्होंने बताया कि ‘‘अश्लील’’ गीत सुनते ही विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत गीत बंद करवा दिया और युवकों को मैदान से बाहर कर दिया. यह भी पढ़ें : Gujarat: भारी बारिश के बाद सूरत में मीठी खादी के आसपास के बाढ़ जैसे हालात- Video
संयुक्त रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान ने घटना का संज्ञान लिया है और जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है. जांच की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व प्राध्यापक अनिल उपाध्याय ने कहा कि आजादी के पर्व पर इस तरह से ‘‘अश्लील’’ गाने पर नाचना उचित नहीं है. उपाध्याय ने कहा , ‘‘बीएचयू का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है और बीएचयू प्रशासन को इस तरह की घटना नहीं होने देनी चाहिए थी.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2022 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

