देश की खबरें | विपक्ष का धारावी पुनर्विकास परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन, उद्योगों एवं लोगों को बचाने की मांग
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नागपुर, 13 दिसंबर महाराष्ट्र के विपक्षी दलों के सदस्यों ने धारावी पुनर्विकास मुद्दे को लेकर बुधवार को एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली राज्य सरकार की आलोचना की और और अडाणी समूह का पक्ष लेने तथा झुग्गीवासियों को मंझधार में छोड़ देने का आरोप लगाया।
धारावी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहीं मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़, विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे तथा विपक्षी दलों के अन्य विधायकों ने यहां विधानभवन की सीढ़ियों पर इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी की।
उनके नारों में एक ‘धारावी वाचवा, लघु उद्योग वाचवा’ (धारावी बचाओ, लघु उद्योग बचाओ) का नारा था।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मध्य में स्थित धारावी कई छोटे असंगठित उद्योगों का केंद्र है जहां दवा, चमड़ा, जूते और कपड़े जैसी वस्तुओं का विनिर्माण होता है। यह एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्तियों में एक के रूप में भी जाना जाता है।
अडाणी प्रोपर्टीज 259 हेक्टेयर की धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए सबसे बड़ी निविदाकर्ता के रूप में उभरी थी और उसे पिछले साल नवंबर में प्रतिस्पर्धी निविदा के माध्यम से यह परियोजना सौंपी गयी थी।
इस परियोजना में कथित रूप से 20,000 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है तथा उसके तहत धारावी झुग्गियों का पुनर्विकास प्रस्तावित है।
दानवे ने कहा, ‘‘ सरकार धारावी की जमीन अडाणी को उपहार में दे रही है। लेकिन झुग्गियों में लघु उद्योग चला रहे कई लोग इस प्रकिया में प्रभावित हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ ...शक है कि धारावी में 70000 से अधिक लोगों को वहां मकान मिलेगा या नहीं।..’’
उन्होंने कहा ,‘‘ इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए हमने विधानभवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया। विपक्षी महा विकास आघाड़ी विधानमंडल के दोनों सदनों में यह मुद्दा उठायेगा।’’
गायकवाड़ ने कहा कि धारावी का पुनर्विकास स्थानीय लोगों के फायदे के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ 100 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार वाले छोटे उद्योग धारावी में चल रहे हैं। निविदा में कहा गया है कि धारावी के लोगों को वर्तमान झुग्गी बस्ती से 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया जाएगा। टीडीआर एक बड़ा घोटाला है।’’
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