हैदराबाद, तीन अप्रैल तेलंगाना में हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटी 400 एकड़ भूमि पर 'आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर' विकसित करने के सरकार के कदम का विरोध कर रहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।
तेलंगाना सरकार की योजना का हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र समूहों द्वारा विरोध किया जा रहा है। भाजपा और बीआरएस भी इसके खिलाफ है।
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि तेलंगाना सरकार पेड़ों की सुरक्षा की अनदेखी करके विश्वविद्यालय से सटी भूमि पर "किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि" न करे।
राज्य में पेड़ों की कटाई को "बहुत गंभीर मामला" बताते हुए न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि तेलंगाना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा उसके समक्ष पेश की गई अंतरिम रिपोर्ट "खतरनाक तस्वीर" पेश करती है।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय राजधानी में कहा, "हम हैदराबाद के कांचा गाचीबोवली क्षेत्र में तेलंगाना सरकार द्वारा किए जा रहे पर्यावरण विनाश पर रोक लगाने के माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं।"
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इस नेक काम (पेड़ों की कटाई का विरोध) का समर्थन करने वाले सभी कार्यकर्ताओं, मशहूर हस्तियों, पर्यावरणविदों, मीडिया और सोशल मीडिया मित्रों का धन्यवाद।"
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