देश की खबरें | नीलम गोरे को विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद से हटाने की मांग करेंगे विपक्षी दल

मुंबई, 17 जुलाई महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने राज्य विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद से नीलम गोरे को हटाने की मांग करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात करने का फैसला किया है।

गोरे हाल ही में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले प्रतिद्वंद्वी गुट में शामिल हो गयी हैं।

शिवसेना (यूबीटी) से विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने सोमवार को यहां विधान भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने गोरे को ‘निलंबित’ कर दिया है।

दानवे ने कहा कि गोरे के पास विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद पर बने रहने का ‘अधिकार’ नहीं है। दानवे के साथ विपक्षी दल कांग्रेस और राकांपा के शरद पवार खेमे के नेता भी मौजूद थे।

ठाकरे की विश्वासपात्र रहीं गोरे सात जुलाई को यह कहते हुए शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गयी कि सत्तारूढ़ पार्टी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

विधान परिषद में विपक्ष के नेता दानवे ने कहा, ‘‘गोरे पहले शिवसेना (यूबीटी) में थी। एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद हमने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया। अत: उनके पास विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहे हैं।’’

अभी विधान परिषद में अध्यक्ष का पद खाली है।

गोला ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)