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कर्नाटक में विपक्षी दलों ने केंद्र से कोविड-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का अनुरोध किया

केंद्र द्वारा कर्नाटक को ‘प्रधानमंत्री आपात स्थिति नागरिक सहायता एवं राहत कोष’ का हिस्सा नहीं दिये जाने पर सवाल उठाते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने राज्य सरकार से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय मदद मुहैया करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।

कर्नाटक में विपक्षी दलों ने केंद्र से कोविड-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का अनुरोध किया
जमात

बेंगलुरु, आठ मई कर्नाटक में विपक्षी दलों ने कोविड-19 को एक राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की शुक्रवार को मांग की। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार से कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते संकट का सामना कर रहे लोगों की मदद के लिए 50,000 करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज मुहैया करने के लिये वह केंद्र पर दबाव बनाये।

केंद्र द्वारा कर्नाटक को ‘प्रधानमंत्री आपात स्थिति नागरिक सहायता एवं राहत कोष’ का हिस्सा नहीं दिये जाने पर सवाल उठाते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने राज्य सरकार से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय मदद मुहैया करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।

सिद्धरमैया की अध्यक्षता में विपक्षी दलों और किसान संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोविड-19 के बारे में चर्चा के लिए मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से मुलाकात की और श्रमिक वर्ग पर लॉकडाउन के प्रभावों और उनकी परेशानी को दूर करने के कदमों पर चर्चा की।

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये देश में 25 मार्च से लॉकडाउन है, जो 17 मई तक है।

उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनसे मुलाकात की और अपनी चिंताओं को साझा किया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वह उनकी चिंताओं को सरकार के संज्ञान में लाये।

सिद्धरमैया ने कहा कि यदि लॉकडाउन लागू करने से पहले केंद्र ने पर्याप्त कदम उठाये होते, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।

उनके कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में सिद्धरमैया के हवाले से कहा, ‘‘कोरोना वायरस को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए...प्रधानमंत्री आपात स्थिति नागरिक सहायता एवं राहत कोष में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराशि है...लेकिन राज्य के पास एक भी पैसा नहीं आया है। केंद्र को हमें कम से कम वह पैसा तो देना चाहिए, जो राज्य से गया था।’’

उन्होंने लॉकडाउन के कारण संकट का सामना कर रहे लोगों के लिए मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 1,610 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई जरूरतमंद लोगों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

सिद्धरमैया ने सरकार को कोरोना वायरस संक्रमण के लिए और जांच करने की सलाह दी तथा सभी जिलों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और जांच किट उपलब्ध कराने को कहा।

बाद में, मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में दावा किया कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के वास्ते सरकार द्वारा उठाये गये कदमों की सराहना की है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).