वडोदरा, 11 फरवरी आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने मंगलवार को गुजरात राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उस नेता के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, जिसने नगर निकाय चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट न देने वाले लोगों के घरों को ध्वस्त करने की कथित तौर पर धमकी दी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में भाजपा की वडोदरा जिला इकाई के अध्यक्ष सतीश पटेल को कर्जन शहर में लोगों को संबोधित करते हुए देखा जा सकता है और उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर नगरपालिक के वार्ड सात के भाजपा उम्मीदवार चुनाव हार गए तो क्षेत्र में घरों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
कर्जन, राज्य की 68 नगरपालिकाओं में से एक है, जहां 16 फरवरी को चुनाव होने हैं।
विपक्षी दलों के अनुसार, पटेल ने ये टिप्पणियां नौ फरवरी को कर्जन नगरपालिका के वार्ड सात में भाजपा के चार उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते समय की थीं।
पटेल ने गुजराती में कहा, “अगर आप इन चार उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करते हैं तो मैं आपको गारंटी देता हूं कि कोई भी घर नहीं तोड़ा जाएगा... लेकिन मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि अगर आप हमारे साथ विश्वासघात करते हैं, तो मैं यह भी गारंटी देता हूं कि मैं यहां एक भी घर नहीं रहने दूंगा।”
इस विवाद को लेकर पटेल की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
‘आप’ और कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है और चुनाव अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड नंबर सात से ‘आप’ उम्मीदवार मोहम्मद संधि ने मंगलवार को एसईसी को एक लिखित शिकायत दी और भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस शिकायत में दावा किया गया कि उन्होंने मतदाताओं को धमकाकर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन किया है।
एसईसी और कर्जन निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में संधि ने आरोप लगाया कि पटेल ने भाजपा को वोट न देने वालों के घरों को ध्वस्त करने की धमकी दी है।
‘आप’ नेता ने राज्य निर्वाचन आयोग से पटेल के खिलाफ ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ करने का आग्रह किया और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रवक्ता मनीष दोशी ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव से पहले पटेल के आचरण पर स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने पटेल द्वारा मतदाताओं को दी गई धमकी को गंभीरता से लिया है। उनका बयान हमारे लोकतंत्र पर ऐसे तत्वों के प्रभाव को दर्शाता है। इससे यह भी पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव जीतने के लिए किस तरह के अनैतिक तरीके अपनाती है। हम राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह करते हैं कि वह स्वतः संज्ञान लेकर पटेल के खिलाफ कार्रवाई करे।”
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