विदेश की खबरें | वेनेजुएला में अर्जेंटीना के दूतावास में एक साल से अधिक समय तक शरण लेने के बाद विपक्षी सदस्य बाहर आए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. रुबियो ने इन लोगों के अमेरिका पहुंचने की गतिविधियों का विवरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने इस घटना को एक बचाव अभियान बताया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

रुबियो ने इन लोगों के अमेरिका पहुंचने की गतिविधियों का विवरण नहीं दिया, लेकिन उन्होंने इस घटना को एक बचाव अभियान बताया।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘काराकस में अर्जेंटीना के दूतावास में मादुरो सरकार द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को सफलतापूर्वक मुक्त कराए जाने का अमेरिका स्वागत करता है। एक सफल अभियान के बाद, सभी बंधक अब अमेरिकी धरती पर पूरी तरह सुरक्षित हैं।’’

वेनेजुएला की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति वफादार अधिकारियों ने देश को अस्थिर करने के लिए हिंसात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के इन सदस्यों की गिरफ्तारी के वारंट जारी किए थे जिसके बाद अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली की सरकार ने मार्च 2024 में दूतावास के निवास में पांच लोगों को शरण लेने की अनुमति दी थी।

शरण लेने वाले इन लोगों में मचाडो के अभियान प्रबंधक और संचार निदेशक शामिल हैं।

विपक्षी दलों के इन सदस्यों ने परिसर के बाहर खुफिया सेवा एजेंटों और पुलिस की लगातार मौजूदगी की निंदा की थी। इन सदस्यों ने सरकार पर परिसर में बिजली और पानी की सेवाएं काटने का भी आरोप लगाया था।

हालांकि, सरकार ने आरोपों को खारिज किया था।

इन पांच सदस्यों के अलावा फर्नांडो मार्टिनेज ने भी नौ माह तक दूतावास में शरण ली थी जो 1990 के दशक में कैबिनेट मंत्री थे। वेनेजुएला के अधिकारियों के अनुसार मार्टिनेज ने पिछले साल दिसंबर के मध्य में परिसर छोड़ दिया और अभियोजकों के सामने पेश हुए। फरवरी में उनकी मौत हो गई थी।

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