विदेश की खबरें | श्रीलंका में विपक्षी जेवीपी सरकार के विरोध में जुलूस निकालेगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका की विपक्षी पार्टी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) राजपक्षे सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध का समर्थन करने के लिए अगले सप्ताह तीन दिन के लिए एक विशाल सार्वजनिक जुलूस निकालेगी। पार्टी ने सरकार पर जनता की मांग को अनसुनी करते हुये ‘‘जिद्दी’’ तरीके से सत्ता में बने रहने की कोशिश करने का आरोप लगाया है ।

कोलंबो, 14 अप्रैल श्रीलंका की विपक्षी पार्टी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) राजपक्षे सरकार के खिलाफ चल रहे विरोध का समर्थन करने के लिए अगले सप्ताह तीन दिन के लिए एक विशाल सार्वजनिक जुलूस निकालेगी। पार्टी ने सरकार पर जनता की मांग को अनसुनी करते हुये ‘‘जिद्दी’’ तरीके से सत्ता में बने रहने की कोशिश करने का आरोप लगाया है ।

कोलंबो पेज न्यूज पोर्टल की खबरों में कहा गया है कि, जेवीपी महासचिव तिलविन सिल्वा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘‘इस संघर्ष को जीत की ओर ले जाने के लिए’’ 17 से 19 अप्रैल तक ‘‘देश के इतिहास में सबसे बड़ा सार्वजनिक मार्च’’ आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह मार्च 17 अप्रैल को सुबह नौ बजे पश्चिमी प्रांत के कालूतारा जिले के बेरुवाला से शुरू होकर 19 अप्रैल को कोलंबो पहुंचेगा ।

सिल्वा ने कहा, ‘‘हम संघर्ष को एक नई गति देने और इसे लोगों की शक्ति में बदलने के लिए तैयार हैं जो विजय के रूप में समाप्त होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कलाकार, अधिवक्ता और अन्य सभी वर्गों के विशेषज्ञ संघर्ष में शामिल हो गए हैं और इस सरकार से वापस जाने का आग्रह कर रहे हैं। सरकार लोगों की मांगों को सुने बिना विभिन्न हथकंडे अपनाकर सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रही है ।’’

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को छठे दिन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के कार्यालय के बाहर डेरा डाला, और अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट के लिये उनके इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार सोच रही है कि यह संघर्ष धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा लेकिन उसे लोगों के इस संघर्ष को कम करके नहीं आंकना चाहिए ।

सिल्वा ने कहा कि पार्टी ने उन सभी को आमंत्रित किया है जो दलगत विचारधारा से ऊपर उठ कर ईमानदारी से योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक जनशक्ति बनाने की ज़रूरत है जो इसे एक संघर्ष में बदल देगी, ताकि सरकार लोगों की मांगों को नज़रअंदाज़ नहीं कर पाए। हमें एक ऐसी जन शक्ति बनानी होगी जो भ्रष्ट सरकार को बाहर कर देगी, और लोगों की सरकार बनाएगी। हम लोगों से इसे सफल बनाने का आग्रह करते हैं।’’

राष्ट्रपति और उनके अग्रज तथा प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे जनाक्रोश के बावजूद लगातार सत्ता में बने हुये हैं ।

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