देश की खबरें | राबड़ी से सीबीआई की पूछताछ पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की;भाजपा ने कहा-‘जो बोया,वही काट रहे हैं’
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में सोमवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से उनके पटना स्थित आवास पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पूछताछ किए जाने की कई विपक्षी दलों ने भर्त्सना करते हुए कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्य नहीं झुके, इसीलिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
नयी दिल्ली, छह मार्च ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में सोमवार को बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से उनके पटना स्थित आवास पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा पूछताछ किए जाने की कई विपक्षी दलों ने भर्त्सना करते हुए कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्य नहीं झुके, इसीलिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
वहीं, केंद्र में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र एजेंसी के रूप में अपना काम कर रही है और लालू ने ‘जो बोया था, वही काट रहे हैं।’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, ‘‘जो विपक्षी नेता भाजपा के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं, उन्हें ईडी-सीबीआई के जरिये प्रताड़ित किया जा रहा है। आज राबड़ी देवी जी को परेशान किया जा रहा है। लालू प्रसाद जी व उनके परिवार को वर्षों से प्रताड़ित किया जाता रहा है, क्योंकि वे नहीं झुके।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।’’
राबड़ी देवी के छोटे बेटे एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका परिवार केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा का लगातार विरोध करता रहा है और यही कारण है कि सीबीआई की टीम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद के पास तत्कालीन रेल मंत्री के रूप में नौकरी देने की ‘‘कोई शक्ति नहीं’’ थी, जिन्हें ‘‘नौकरी के बदले कथित तौर पर भूखंड लेने’’ के मामले में आरोपित किया गया है।’’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने ट्वीट किया, ‘‘बस रिकॉर्ड के लिए...यह मामला सीबीआई ने 'बंद' कर दिया था और इसे क्यों फिर से 'खोला' गया, इसके लिए 'रॉकेट साइंस' का ज्ञान ज़रूरी नहीं है। जय हिन्द।’’
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा,‘‘हम सभी जानते हैं कि लालू प्रसाद की सेहत कैसी है। तेजस्वी पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। यह जितना अधिक होगा, लोग इस सरकार के खिलाफ उतने ही एकजुट होंगे।’’
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विपक्षी नेताओं के यहां इस तरह की ‘छापेमारी’ अपमानजनक है।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष शासित राज्यों में सरकार का कामकाज रोकने के लिए छापेमारी एक चलन बन गई है। वे ईडी, सीबीआई और राज्यपालों का इस्तेमाल परेशान करने के लिए करते हैं। देश तभी आगे बढ़ेगा, जब सब मिलकर काम करेंगे।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के पूर्व मंत्री नितिन नवीन ने कहा, ‘‘लालू प्रसाद का सीबीआई से लंबे समय से पाला पड़ता रहा है। चारा घोटाला से जुड़े मामले, जिनमें उन्हें दोषी ठहराया गया है, भाजपा के सत्ता में आने से बहुत पहले दर्ज किए गए थे।’’
उन्होंने कहा, “चारा घोटाला से जुड़े मामले तब दर्ज किए गए थे, जब केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार थी, जिसका लालू खुद हिस्सा थे। शिकायतकर्ताओं में शिवानंद तिवारी और राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन शामिल थे। तिवारी अब लालू की पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, वहीं राजीव रंजन राजद की सहयोगी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख हैं।”
भाजपा के एक अन्य नेता और पूर्व मंत्री जिबेश कुमार मिश्रा ने कहा, “लालू प्रसाद को पहली बार, 2013 में चारा घोटाले के मामले में दोषी करार दिया गया था। उस समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार थी, जिसमें उनकी पार्टी भी शामिल थी।”
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