विदेश की खबरें | ‘ऑपरेशन सिंदूर’ : विश्व नेताओं ने भारत-पाकिस्तान से संयम बरतने का आह्वान किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

वाशिंगटन/मॉस्को, सात मई संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत विश्व के नेताओं ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने का आह्वान किया और उम्मीद जताई कि शत्रुता ‘‘बहुत जल्द’’ समाप्त हो जाएगी।

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मंगलवार देर रात को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और पाकिस्तान से ‘‘अधिकतम सैन्य संयम’’ बरतने का आह्वान करते हुए कहा कि दुनिया दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बर्दाश्त नहीं कर सकती।

महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘‘महासचिव नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय सैन्य अभियानों को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्होंने दोनों देशों से अधिकतम सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया है। दुनिया भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव बर्दाश्त नहीं कर सकती।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शत्रुता ‘‘बहुत जल्द’’ समाप्त हो जाएगी।

ट्रंप ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है। हमने इसके बारे में तब सुना जब हम ओवल (राष्ट्रपति के कार्यालय) के दरवाजे की ओर रुख कर रहे थे। मुझे लगता है कि लोगों को अतीत के आधार पर पता था कि कुछ होने वाला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भारत और पाकिस्तान) लंबे समय से लड़ रहे हैं। अगर आप वास्तव में इसके बारे में सोचें, तो वे कई दशकों और सदियों से लड़ रहे हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास दोनों देशों के लिए कोई संदेश है तो उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, मैं बस उम्मीद करता हूं कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाए।’’

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

रूस ने भी पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने पर गहरी चिंता व्यक्त की।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के हवाले से कहा, ‘‘हम पहलगाम शहर के पास हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से बेहद चिंतित हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम क्षेत्र में स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए संबंधित पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं।’’

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेदों को 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणापत्र के प्रावधानों के अनुसार द्विपक्षीय आधार पर शांतिपूर्ण, राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाया जाएगा।’’

इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के एक बयान के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने भारत और पाकिस्तान से ‘‘संयम बरतने, तनाव कम करने और आगे इस तरह के तनाव को बढ़ने देने से बचने के लिए कहा, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बन सकती है।’’

बयान में कहा गया, ‘‘महामहिम ने सैन्य टकराव को रोकने, दक्षिण एशिया में स्थिरता को मजबूत करने और संवाद तथा आपसी समझ के जरिए क्षेत्रीय तनाव से बचने का आह्वान करने वालों की बात पर ध्यान देने के महत्व पर जोर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘महामहिम ने पुष्टि की कि कूटनीति और संवाद, संकटों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने और शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रों की साझा आकांक्षाओं को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी साधन बने हुए हैं।’’

बयान में कहा गया है, ‘‘महामहिम ने जोर दिया कि संयुक्त अरब अमीरात क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान प्राप्त करने और उनके मानवीय परिणामों को कम करने के उद्देश्य से सभी पहलों का समर्थन करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा।’’

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने कहा कि सरकार पिछले महीने कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।

शीर्ष सरकारी प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमें इस बात की बहुत चिंता है कि आगे की जवाबी कार्रवाई एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदल जाएगी।’’

‘क्योदो न्यूज’ ने हयाशी के हवाले से कहा, ‘‘हम भारत और पाकिस्तान से दृढ़तापूर्वक आग्रह करते हैं कि वे संयम बरतें और दक्षिण एशिया की शांति एवं स्थिरता के लिए बातचीत के जरिए स्थिति को स्थिर करें।’’

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