देश की खबरें | उत्तराखंड के बाघ अभयारण्य में 25 जून से शुरू होगा 'आपरेशन मानसून'
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वन अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में नेपाल सीमा व उत्तरप्रदेश से लगे उत्तराखंड का वन क्षेत्र भी शामिल है जिसमें करीब 1500 नियमित व दैनिक वेतनभोगी वन श्रमिक भाग लेंगे। इसमें नई तकनीक के उपकरणों का भी प्रयोग कर उन स्थानों के वनों और वन्यजीवों पर निगरानी रखी जाएगी जहाँ अन्य किसी तरह से नहीं पहुंचा जा सकता ।
वन अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में नेपाल सीमा व उत्तरप्रदेश से लगे उत्तराखंड का वन क्षेत्र भी शामिल है जिसमें करीब 1500 नियमित व दैनिक वेतनभोगी वन श्रमिक भाग लेंगे। इसमें नई तकनीक के उपकरणों का भी प्रयोग कर उन स्थानों के वनों और वन्यजीवों पर निगरानी रखी जाएगी जहाँ अन्य किसी तरह से नहीं पहुंचा जा सकता ।
कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के निदेशक राहुल ने बताया कि मानसून गश्त में हिंसक वन्यजीवों से कर्मियों का जीवन बचाना भी इस बार शीर्ष प्राथमिकता रहेगी।
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उन्होंने बताया कि पिछली मानसून गश्त में कॉर्बेट के दो वनकर्मी बाघ के हमले में मारे गए थे इसलिए इस बार सघन वन क्षेत्रों में आल टेरेन व्हीकल (एटीवी) और 16 पालतू हाथियों से मानसून गश्त होगी।
राहुल ने बताया कि 1288 वर्ग किलोमीटर में फैले रिजर्व की 12 रेंज व 140 वन बीट में करीब 1000 वन कार्मिक 25 जून से 30 सितंबर या मानसून की समाप्ति तक कई तरह से गश्त करेंगे जिसमें ड्रोन, जल नौकाएं, हाथियों पर, पैदल व एटीवी के जरिये जमीन, आकाश तथा पानी अर्थात तीनों जगह से वन एवं वन्यजीवों की निगरानी की जाएगी।
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राजाजी बाघ अभयारण्य के निदेशक अमित वर्मा ने बताया कि 822 वर्ग किलोमीटर में फैले अभयारण्य की 10 रेंज व 110 वन बीट में करीब 500 वनकर्मी 25 जून से 15 अक्टूबर तक जंगल मे गश्त करेंगें। लम्बी व मध्यम दूरी की गश्त में ट्रैक्टर, पालतू हाथियों व ड्रोन से वन एवं वन्य जीवों पर निगरानी रखी जाएगी।
दोनों अभयारण्य की तरह ही वन एवं वन्यजीव विविधता से भरपूर तराई पश्चिम वन वृत्त के वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते ने बताया कि वृत्त में करीब आधा दर्जन बांधों के जलाशय सघन वन व वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार इन जलाशयों में मोटर बोट से मानसून की गश्त होगी।
वहीं, राजाजी बाघ अभयारण्य व कॉर्बेट बाघ अभयारण्य की कड़ी को जोड़ने में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शिवालिक वन वृत्त के वन संरक्षक प्रसन्न कुमार पात्रो ने बताया कि उनके अधीन देहरादून, हरिद्वार व लैंसडाउन वन प्रभागों में मानसून गश्तों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए तीनों वन प्रभागों के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
सं दीप्ति
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