देश की खबरें | दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज : अपना बयान वापस लें केजरीवाल - केशव मौर्य

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सिर्फ शहर के निवासियों का इलाज होना चाहिए, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इस हालिया घोषणा को लेकर उनकी आलोचना करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहा कि केजरीवाल को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

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लखनऊ, आठ जून दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में सिर्फ शहर के निवासियों का इलाज होना चाहिए, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इस हालिया घोषणा को लेकर उनकी आलोचना करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहा कि केजरीवाल को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

मौर्य ने सोमवार को कहा, ‘‘बात जहां तक चिकित्सा सुविधाएं देने की है, उसमें कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। ऐसा तो 'रावण राज' में भी नहीं हुआ। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर अरविंद केजरीवाल ने ऐसा बयान कैसे दिया? उन्हें तुरंत अपना बयान वापस लेना चाहिए क्योंकि चिकित्सा पाना देश के प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। यहां यह मायने नहीं रखता कि वह कहां रहता है और उसका इलाज कहां हो रहा है।’’

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उन्होंने कहा, ''यह आपदा का समय है और इस समय इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि वह अपना बयान वापस लेंगे और इसके लिए माफी मांगेंगे। दिल्ली देश का दिल है और चूंकि यह राष्ट्रीय राजधानी है इसलिये लोग यहां आते रहेंगे।''

मौर्य ने दावा किया कि आज से पहले या किसी राज्य सरकार ने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया होगा।

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गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को घोषणा की थी कि कोरोना संक्रमण महामारी के दौरान दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पताल केवल दिल्ली के लोगों का इलाज करेंगे।

केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों के लिए इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं होगा और यदि दूसरे राज्यों के लोग कुछ विशिष्ट ऑपरेशनों के लिए दिल्ली आते हैं तो उन्हें निजी अस्पतालों में उपचार कराना होगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से एक दिन पहले आप सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने सिफारिश की थी कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर शहर के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल केवल दिल्लीवालों के उपचार के लिए होना चाहिए।

केजरीवाल ने कहा था, ‘‘90 प्रतिशत से अधिक लोग चाहते हैं कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान दिल्ली के अस्पताल केवल राष्ट्रीय राजधानी से ताल्लुक रखने वाले मरीजों का उपचार करें। इसलिए यह निर्णय किया गया है कि दिल्ली स्थित सरकारी और निजी अस्पताल केवल राष्ट्रीय राजधानी से ताल्लुक रखने वाले लोगों का ही इलाज करेंगे।’’

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