नयी दिल्ली, 17 नवंबर देश की सबसे बड़ी तेल व गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में उसका पूंजीगत खर्च 32,500 करोड़ रुपये के आस-पास रहने की संभावना है। कंपनी महामारी के कारण समय के हुए नुकसान की भरपाई के लिये प्रयासों को तेज कर रही है।
ओएनजीसी के निदेशक (वित्त) सुभाष कुमार ने निवेशकों से एक संवाद में कहा कि कोविड-19 महामारी तथा इसके बाद दुनिया भर में लगायी गयी पाबंदियों ने आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया, जिससे कंपनी की परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ।
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उन्होंने कहा कि तेल व गैस की खोज तथा उत्पादन से जुड़ी परियोजनाएं उपकरणों व सेवाओं की आपूर्ति के लिये विदेशी वेंडरों पर काफी निर्भर करती हैं। रिग्स जैसी कुछ सुविधाओं का परिचालन विदेशी दल के द्वारा किया जाता है।
कुमार ने कहा, हालांकि वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में क्रमिक सुधार होने से ओएनजीसी को बर्बाद हुए समय की भरपाई कर लेने की उम्मीद है।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमने आर्थिक गतिविधियों पर महामारी के दीर्घकालिक असर होने के अनुमान पर अप्रैल-मई में पूंजीगत व्यय 26 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया था। लेकिल अब चीजें खुल रही हैं, ऐसे में हम 32 हजार करोड़ रुपये या फिर 29 से 30 या 32 हजार करोड़ रुपये के आस-पास व्यय करने में सक्षम हो सकते हैं।’’
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 32,501 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का बजट निर्धारित किया था।
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